Eknath Khadse (फोटो क्रेडिट-X) 
जलगांव

Eknath Khadse: शरद पवार गुट के नेता एकनाथ खडसे पर FIR, पुलिस से बदतमीजी और गाली-गलौज का आरोप

Eknath Khadse FIR: एनसीपी नेता एकनाथ खडसे के खिलाफ जलगांव के सावदा थाने में मामला दर्ज। पुलिस से अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने का है गंभीर आरोप।

अनिल सिंह

Eknath Khadse Police Argument: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ सदस्य एकनाथ खडसे एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। जलगांव जिले के सावदा पुलिस थाने में उनके खिलाफ पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद गौण खनिज (Minor Minerals) की चोरी से जुड़े एक मामले में पुलिस से जवाब मांगने के दौरान शुरू हुआ, जो अब एक बड़े राजनीतिक घमासान का रूप ले चुका है।

पुलिस का दावा है कि खडसे ने न केवल मर्यादा लांघी, बल्कि थाने के भीतर पुलिसकर्मियों पर अनुचित दबाव बनाने की भी कोशिश की।

थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा: क्या था मामला?

पूरा विवाद गौण खनिज की अवैध ढुलाई और चोरी के एक प्रकरण से शुरू हुआ, जिसमें पुलिस ने कुछ कार्रवाई की थी। इसी मामले में पक्ष रखने या पूछताछ करने के लिए एकनाथ खडसे अपने समर्थकों के साथ सावदा पुलिस थाने पहुँचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान खडसे अपना आपा खो बैठे और ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, खडसे के व्यवहार के कारण थाने के भीतर अफरा-तफरी मच गई और शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

धारा 296 के तहत केस दर्ज: पुलिस का सख्त रुख

सावदा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एकनाथ खडसे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील कृत्य और शब्द) के साथ-साथ अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस का पक्ष: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, वर्दीधारी कर्मचारियों का अपमान करने या उन्हें डराने-धमकाने का अधिकार नहीं है।

जांच की प्रक्रिया: पुलिस अब थाने के भीतर लगे CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।

खडसे का सियासी सफर और विवादों का नाता

एकनाथ खडसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा नाम हैं जो अक्सर चर्चा और विवादों के केंद्र में रहते हैं। भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व राजस्व मंत्री रह चुके खडसे ने कुछ साल पहले शरद पवार की राकांपा का दामन थाम लिया था। उन पर पहले भी भ्रष्टाचार और जमीन सौदों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच चल रही है। विरोधियों का कहना है कि यह उनकी 'पुरानी कार्यशैली' है, जबकि समर्थकों का मानना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल खडसे की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन जलगांव जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

ISI कनेक्शन और बड़ी साजिश! सुखबीर बादल पर हमलों को लेकर भड़कीं हरसिमरत, गृहमंत्री से की NIA जांच की मांग

Vande Mataram Controversy: सोनिया गांधी के बचाव में कांग्रेस-TMC-DMK, CPI-M ने पूछा- पार्टी का रुख क्या है?

लगातार किया गया बदनाम...पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी की मौत पर छलका ममता बनर्जी का दर्द, कहा- झूठे आरोप लगाए गए

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

बंगाल में CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर हत्या, बीजेपी पर हमला कराने का आरोप; CM शुभेंदु का आया बयान