मुंबई: महाराष्ट्र में महायुति की नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जिलों के पालकमंत्रियों की घोषणा पर सबकी नजर थी। भाजपा, एनसीपी और शिवसेना की महायुति सरकार ने अब पालकमंत्रियों की घोषणा कर दी है। महाराष्ट्र में मंत्रियों को एक या उससे अधिक जिलों की जिम्मेदारी दी जाती है। पिछले महीने राज्य में भाजपा-एनसीपी-शिवसेना की नई सरकार के गठन के बाद से ही इस घोषणा का इंतजार था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले के प्रभारी मंत्री होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उनके गृह जिले पुणे के अलावा बीड जिले की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं शिवसेना प्रमुख और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई शहर के साथ-साथ ठाणे जिले के भी प्रभारी मंत्री होंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एवं महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे को शनिवार को राज्य सरकार द्वारा जारी प्रभारी मंत्रियों की सूची में जगह नहीं मिली। बीड के परली से विधायक धनंजय मुंडे पिछली सरकार के दौरान मध्य महाराष्ट्र के बीड जिले के संरक्षक मंत्री थे।
हालांकि हाल ही में जिले में सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या को लेकर वह विपक्ष और स्थानीय भारतीय जनता पार्टी विधायकों के निशाने पर आ गए। इस मामले में मंत्री मुंडे के सहयोगी वाल्मिक कराड को गिरफ्तार किया गया है। एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने इस विवाद को लेकर मुंडे से इस्तीफा मांगने से इनकार कर दिया था।