गोंदिया, यूरिया, (सोर्स: सोशल मीडिया) 
गोंदिया

गोंदिया में खाद कंपनियों की मनमानी से विवाद; यूरिया के साथ दूसरा उर्वरक लेने की अनिवार्यता से विक्रेता परेशान

Gondia Urea Supply Crisis: गोंदिया में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक कंपनियों पर यूरिया के साथ कॉम्प्लेक्स खाद लेने की अनिवार्यता थोपने का आरोप लगा है। इससे कृषि केंद्र संचालकों में नाराजगी बढ़ गई है।

अंकिता पटेल

Gondia Forced Fertilizer Bundling Practice: गोंदिया खरीफ सीजन के दौरान कुछ उर्वरक कंपनियों की मनमानी नीतियों से जिले के कृषि केंद्र संचालक परेशान हैं। आरोप है कि कंपनियां यूरिया की आपूर्ति के साथ अन्य मिश्रित उर्वरक (कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर) लेने की अनिवार्यता लागू कर रही हैं। विरोध करने वाले विक्रेताओं का खाद आवंटन कम कर दिया जाता है या पूरी तरह रोक दिया जाता है।

इस स्थिति से नाराज कई कृषि केंद्र संचालक अब खाद का उठाव नहीं करने पर विचार कर रहे हैं। खरीफ मौसम में सबसे अधिक मांग यूरिया की रहती है। कुछ दिनों से जिले में हुई अच्छी बारिश के कारण धान की रोपाई में तेजी आई है, जिससे किसानों द्वारा यूरिया की मांग भी बढ़ गई है।

जिले में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक, खाद की कमी नहीं

जिले में इस खरीफ सीजन में लगभग 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने 21 हजार मीट्रिक टन यूरिया की मांग की है। अब तक लगभग 5 हजार मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है, जबकि 9,500 मीट्रिक टन यूरिया तथा 12 हजार मीट्रिक टन मिश्रित उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है।

ऐसे में जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। विक्रेताओं का आरोप है कि कुछ कंपनियां यूरिया देने के बदले 15:15:15 सहित अन्य सब्सिडी वाले उर्वरक खरीदने की शर्त रख रही हैं।

खाद आपूर्ति में मनमानी का विक्रेताओं ने लगाया आरोप

यदि कोई विक्रेता इसका विरोध करता है तो उसे मांग से कम खाद उपलब्ध कराई जाती है। कई मामलों में संबंधित तहसील के अधिकृत वितरक को खाद न देकर दूसरे क्षेत्र के वितरक को आपूर्ति की जा रही है।

इसके अलावा, 40 लाख रु. से अधिक वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिए आवश्यक जीएसटी संबंधी नियमों को सभी विक्रेताओं पर समान रूप से लागू कर उन्हें परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। विक्रेताओं का कहना है कि यदि इस संबंध में कृषि विभाग से शिकायत की जाती है तो संबंधित कंपनी शिकायतकर्ता विक्रेता की खाद आपूर्ति ही बंद कर देती है।

किसान विभाग से शिकायत करें

जिले में यूरिया सहित सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों की मांग के अनुसार इसमें और वृद्धि की जाएगी। यदि कृषि केंद्र संचालकों को किसी प्रकार की समस्या या शिकायत है तो वे कृषि विभाग को लिखित रूप से अवगत कराएं। शिकायतों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

- जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, नीलेश कानवडे

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