Bhandara Agriculture Department: फसलों की उत्तम पैदावार और बेहतर अंकुरण के लिए बुआई से पहले बीज प्रक्रिया सीड ट्रीटमेंट करना बेहद महत्वपूर्ण है। यह बात कृषि विशेषज्ञों ने साकोली तहसील के साखरा में आयोजित एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान कही।
हाल ही में पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त के वितरण के अवसर पर, कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में धान बीज प्रक्रिया पर एक व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, साकोली की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. उषा रा. डोंगरावर के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उप कृषि अधिकारी बी. एस. सपाटे उपस्थित थे।
किसानों को तकनीकी जानकारी देने के लिए कृषि अभियांत्रिकी से वाई.आर. महल्ले, कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ.पी. एस.उंबरकर, उद्यानिकी विशेषज्ञ सुश्री के. डी. तायड़े और पी.ए.कम्प्यूटर के. एस. गायकवाड़ मौजूद रहे। कार्यक्रम का लाभ साखरा और आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में किसानों, महिलाओं और युवाओं ने उठाया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए संगीता माने ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कम समय में तैयार होने वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
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इसके बाद कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ.पी. एस. उंबरकर ने धान की बीज प्रक्रिया का लाइव डेमो करके दिखाया और बुआई के समय जैविक निविष्ठाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया।
वहीं, महल्ले ने सीधी बुआई पेरिव धान पद्धति और तायड़े ने फलदार फसलों के प्रबंधन पर मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान के। एस। गायकवाड़ ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के देशव्यापी वितरण समारोह का सीधा प्रसारण भी किसानों को दिखाया। बी. एस. सपाटे ने कृषि विभाग की आगामी योजनाओं की रूपरेखा साझा की। कार्यक्रम का संचालन सहायक कृषि अधिकारी एस. एम.नंदागवली तथा आभार प्रदर्शन आर. पी. पवार ने किया।