Saleksa Transport Facilities: गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील मुख्यालय में स्थायी बस स्टैंड का इंतजार अब भी खत्म नहीं हुआ है। सरकार की ओर से नए बस स्टैंड के निर्माण के लिए करीब 3 करोड़ रु। की मंजूरी मिलने के बावजूद जमीन उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य शुरु करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। विधानसभा चुनाव से पहले बस स्टैंड के निर्माण को लेकर हलचल तेज हुई थी, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। ऐसे में नागरिकों का सवाल है कि आखिर सालेकसा का नया बस स्टैंड कब बनेगा ?
विधायक संजय पुराम के प्रयासों से बस स्टैंड के लिए मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। जुलाई 2023 में पुराम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र भेजकर सालेकसा में बस स्टैंड की आवश्यकता से अवगत कराया था। इसके बाद परिवहन विभाग के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी। राज्य सरकार ने प्रदेश में 86 स्थानों पर नए बस स्टैंड बनाने अथवा पुराने बस स्टैंडों के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया था। इसी क्रम में सालेकसा के लिए भी निधि मंजूर की गई। मंजूरी के बाद तत्कालीन विधायक संजय पुराम महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के अधिकारियों के साथ सालेकसा पहुंचे थे।
उन्होंने प्रस्तावित बस स्टैंड के लिए उपयुक्त जगह का निरीक्षण कर न.पं. प्रशासन से जमीन निश्चित करने को कहा था। इसके बाद सालेकसा शहर के बीच और यात्रियों के लिए सुविधाजनक स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरु हुई। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। सालेकसा तहसील का गठन 1982 में हुआ था। सीमावर्ती तहसील होने के कारण यहां महाराष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही रहती है।
तहसील आदिवासी क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण व आदिवासी नागरिक एसटी बसों पर निर्भर हैं। स्थायी बस स्टैंड नहीं होने से रोजाना सैकड़ों यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। सालेकसा-दरेकसा मार्ग पर स्थित वर्तमान बस स्टैंड महज एक शेड तक सीमित है। यहां स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त बैठक व्यवस्था और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बारिश और धूप के दौरान महिला यात्रियों तथा छात्राओं को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
नगर पंचायत पार्षद डॉ. राजेंद्र बडोले ने कहा कि सरकार की ओर से बस स्टैंड के लिए निधि उपलब्ध कराए जाने के बाद अब स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जल्द जमीन उपलब्ध कराए, प्रशासन नागरिकों को विश्वास में लेकर बस स्टैंड के लिए जमीन निश्चित करे और निर्माण की प्रक्रिया शुरु करें। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।