गोरेगांव श्रीरामपुर जिला परिषद स्कूल (सोर्स- फोटो नवभारत) 
गोंदिया

गोंदिया के श्रीरामपुर पुनर्वास कॉलोनी के जिलापरिषद स्कूल में छात्र संख्या हुई शून्य, लगा ताला

Gondia Schools News: गोरेगांव के श्रीरामपुर जिप स्कूल में छात्र संख्या शून्य होने पर ताला लग गया। करोड़ों की लागत से बनी आधुनिक इमारत में एक भी छात्र न होने से स्कूल बंद हुआ। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

केतकी मोडक

Gondia-Shrirampur Zilla Parishad School Closure: गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील के श्रीरामपुर पुनर्वास कॉलोनी में सरकार द्वारा बड़े उद्देश्य के साथ स्थापित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय आखिरकार छात्रों के अभाव में बंद हो गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यालय में एक भी छात्र नहीं बचने के कारण शिक्षा विभाग ने नियमानुसार स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। इस घटना ने जिप की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं करोड़ों रुपये की लागत से विकसित सरकारी सुविधाएं अब बेकार पड़ी हैं।

अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की ओर

कलपाथरी माध्यम परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए श्रीरामपुर में बसाई गई कॉलोनी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने आधुनिक इमारत, विशाल खेल मैदान, आंगनवाड़ी और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त जिप स्कूल शुरू किया था। लेकिन समय के साथ अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की ओर बढ़ता गया, जिससे विद्यालय में छात्रों की संख्या लगातार घटती चली गई।

इस वर्ष नए शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में केवल एक छात्र का प्रवेश हुआ था। बाद में उस छात्र ने भी हिरडामाली स्थित जिला परिषद विद्यालय में दाखिला ले लिया। इसके बाद श्रीरामपुर स्कूल में छात्रों की संख्या शून्य हो गई और शिक्षा विभाग के पास स्कूल बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

गहरे संकट का संकेत

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में निजी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की संख्या बढ़ने और परिवहन, अंग्रेजी शिक्षा व अन्य सुविधाओं के आकर्षक वादों के कारण अभिभावक सरकारी स्कूलों से दूर होते गए। इसका सीधा असर जिप स्कूलों की छात्र संख्या पर पड़ा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल श्रीरामपुर ही नहीं, बल्कि गोरेगांव तहसील के कई जिप स्कूलों में भी छात्रों की संख्या लगातार घट रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में कई और सरकारी स्कूल बंद होने की नौबत आ सकती है, जो ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

श्रीरामपुर जिप स्कूल का बंद होना केवल एक विद्यालय का बंद होना नहीं, बल्कि ग्रामीण सरकारी शिक्षा व्यवस्था के सामने खड़े होते जा रहे गहरे संकट का संकेत है। अब जरूरत इस बात की है कि शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और समाज मिलकर जिप स्कूलों में लोगों का विश्वास फिर से कायम करें और उन्हें बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

स्कूल बंद हो जाना चिंता का विषय

श्रीरामपुर पुनर्वास कॉलोनी गोरेगांव नगर पंचायत के वार्ड क्र. 1 में शामिल है। इसके बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नगर पंचायत प्रशासन और नागरिकों द्वारा विद्यालय को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाने की चर्चा क्षेत्र में है। विडंबना यह भी है कि कॉलोनी में कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के प्रमुख लोग निवास करते हैं, फिर भी स्कूल बंद हो जाना चिंता का विषय बना हुआ है।

गुट शिक्षाधिकारी एम. डी. पारधी ने कहा है कि  "नए शैक्षणिक सत्र में श्रीरामपुर जिप स्कूल में केवल एक छात्र ने प्रवेश लिया था। बाद में उसके भी अन्य विद्यालय में चले जाने से स्कूल में एक भी छात्र नहीं बचा। शासन के नियमों के अनुसार छात्रों के अभाव में विद्यालय को बंद करना पड़ा।"

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