पांगोली नदी प्रदूषण  फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

जनजागृती के बजाय प्रदूषण का पाठ पढ़ा रहा स्कुल? पांगोली नदी में वेस्टेज मटेरियल फेंक कर क्या जता रहे कर्मी

Pangoli River Pollution: गोरेगांव-ठाणा मार्ग स्थित पांगोली नदी में स्कूल से संबंधित कर्मचारियों द्वारा वेस्टेज मटेरियल फेंकने का आरोप लगा है। जल प्रदूषण और पशुधन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

आंचल लोखंडे

Goregaon Pangoli River: विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाने वाले ही यदि जलस्रोत को प्रदूषित करेंगे, तो समाज के सामने कैसा आदर्श रखा जाएगा?, इस सवाल के साथ गोरेगांव-ठाणा मार्ग स्थित पांगोली नदी में वेस्टेज मटेरियल डाले जाने के कथित मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार, 10 अगस्त की सुबह एम.सी.पी. स्कूल से संबंधित कर्मचारियों द्वारा स्कूल का वेस्टेज मटेरियल पांगोली नदी के पात्र में डाले जाने का आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है। नागरिकों के अनुसार नदी पात्र में कांच, प्लास्टिक तथा कुछ रासायनिक पदार्थों की बोतलें भी पाई गई हैं।

इस घटना के सामने आने के बाद पांगोली नदी के प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर गंभीर रूप से सामने आया है। नदी के पानी का उपयोग करने वाले नागरिकों के साथ-साथ पशुधन व अन्य प्राणियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग तथा जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के बारे में लगातार जागरूक किया जाता है। ऐसे में स्कूल से संबंधित कर्मचारियों द्वारा ही नदी पात्र में वेस्टेज मटेरियल डाले जाने का आरोप सामने आने से नागरिकों में रोष है। यदि जांच में यह साबित होता है कि स्कूल से निकलने वाले कचरे को नदी में डाला गया, तो यह केवल कचरा फेंकने का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान मामला सामने आया

झांझिया निवासी तथा शिक्षक सुरज कोल्हारे सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए इस क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान नदी पात्र में वेस्टेज मटेरियल डाले जाने का मामला उनके ध्यान में आने की बात सामने आई है। उन्होंने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पांगोली नदी में पिछले कई वर्षों से वेस्टेज मटेरियल फेंके जाने की समस्या बनी हुई है। लगातार कचरा डाले जाने से नदी के पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।

पशुधन के स्वास्थ्य पर भी खतरा

पांगोली नदी के आसपास बड़ी संख्या में पालतू पशु व मवेशी आते हैं और नदी का पानी पीते हैं, ऐसा स्थानीय नागरिकों का कहना है। यदि नदी के पानी में प्लास्टिक, रासायनिक पदार्थ या अन्य प्रदूषक मिल रहे हैं, तो इससे पशुधन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नदी पात्र में कांच की बोतलें व अन्य धारदार सामग्री मिलने पर पशुओं के घायल होने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल नदी पात्र का निरीक्षण कर खतरनाक कचरे को हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग नागरिकों द्वारा की जा रही है।

स्कूल प्रबंधन को नोटिस देने की तैयारी

नपं गोरेगांव अध्यक्ष तेजराम बिसने ने कहा कि स्वच्छता व स्वास्थ्य को लेकर नगर पंचायत गंभीर है। इस मामले पर नगर पंचायत जल्द ही एनसीपी स्कूल मैनेजमेंट को नोटिस जाहिर करेंगी।

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