गोंदिया, गोरेगांव, जंगली सूअर हमला, (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI) 
गोंदिया

गोंदिया में जंगली सूअरों का आतंक, एक घंटे में 2 गांवों में हमला; 6 किसान घायल

Gondia Wild Boar: गोंदिया के गोरेगांव तहसील में एक घंटे के भीतर जंगली सूअरों के दो हमलों में छह किसान घायल हो गए। वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर आर्थिक सहायता और पंचनामा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

अंकिता पटेल

Wild Boar Attack Farmers: गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह महज एक घंटे के भीतर कलपाथरी और पालेवाड़ा गांव के खेतों में जंगली सूअरों ने अलग-अलग घटनाओं में हमला कर छह किसानों को घायल कर दिया। लगातार हुई इन घटनाओं से किसानों में दहशत का माहौल है और खेतों में काम करने को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे कलपाथरी निवासी किसान राधेश्याम शेगो राऊत (48) अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक जंगली सूअर ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए पहुंचे प्रदीप दाजीबा राऊत (35) और जितेंद्र चैत्राम गावराने (30) पर भी सूअर ने हमला कर दिया, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

जंगली सूअरों के हमले में 6 किसान घायल, क्षेत्र में दहशत

आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और काफी मशक्कत के बाद तीनों को जंगली सूअर के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद घायलों को तत्काल गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया।

प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने राधेश्याम राऊत के सिर में गंभीर चोट पाई, जिसके चलते उन्हें सीटी स्कैन और आगे के उपचार के लिए जिला सामान्य अस्पताल, गोंदिया रेफर कर दिया गया। वहीं प्रदीप राऊत और जितेंद्र गावराने का उपचार गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल में जारी है।

इसी बीच सुबह करीब 9 बजे पालेवाड़ा गांव के खेतों में भी एक अन्य जंगली सूअर ने किसानों पर हमला कर दिया। इस घटना में उस्मानभाई केशवराव राखड़े (50), लालाजी धोमा बागड़े (45) और धीरज लालाजी बागड़े (22) घायल हो गए। तीनों को भी उपचार के लिए गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

लगातार दो गांवों में हुई इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के किसानों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली सूअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे अक्सर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ अब किसानों पर भी हमला कर रहे हैं। इससे खेती करना जोखिम भरा होता जा रहा है।

जंगली सूअरों के हमले के बाद वन विभाग अलर्ट

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों घटनाओं का पंचनामा किया जा रहा है तथा शासन के नियमानुसार घायलों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्षेत्र में जंगली सूअरों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

स्थानीय किसानों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, जंगली सूअरों के आतंक पर नियंत्रण पाने और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

- आमगांव वनपरिक्षेत्र अधिकारी, श्रेजल आखरे

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