Gondia News Social Justice Department ZP: गोंदिया जिला परिषद में वर्ष 2022 से रिक्त चल रहे समाजकल्याण अधिकारी पद पर पूर्णकालीन अधिकारी की नियुक्ति हुई है।
सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग ने 22 सितंबर को आदेश जारी कर भारती हरिभाऊ वरुडकर को गोंदिया जिप का समाजकल्याण अधिकारी नियुक्त किया है। इससे विभाग के लंबित कामकाज और कल्याणकारी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
गोंदिया जिला परिषद के समाजकल्याण विभाग को करीब चार साल बाद पूर्णकालीन अधिकारी मिला है। वर्ष 2022 से रिक्त चल रहे समाजकल्याण अधिकारी के पद पर भारती हरिभाऊ वरुडकर की नियुक्ति की गई है। सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग ने 22 सितंबर को इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया।
लंबे समय से पूर्णकालीन अधिकारी के अभाव में विभाग का कामकाज प्रभारी व्यवस्था के माध्यम से चलाया जा रहा था। अब नियमित अधिकारी की नियुक्ति होने से विभाग के प्रशासनिक कार्यों के साथ ही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार राज्य की विभिन्न जिला परिषदों में समाजकल्याण अधिकारी तथा जाति प्रमाणपत्र जांच समितियों के अनुसंधान अधिकारियों समेत वर्ग-1 और वर्ग-2 के कुल 40 अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन किए गए हैं। इसी आदेश के तहत भारती वरुडकर को गोंदिया जिला परिषद में समाजकल्याण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
गोंदिया जिप का समाजकल्याण अधिकारी पद वर्ष 2022 से लगातार रिक्त था। इसके चलते विभाग का कामकाज प्रभारी अधिकारियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। पूर्णकालीन अधिकारी नहीं होने के कारण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य वंचित वर्गों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति और विकास कार्यों से जुड़े प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने की बात सामने आती रही है।
अब नियमित अधिकारी की नियुक्ति से करीब चार वर्षों से चली आ रही रिक्तता समाप्त हो गई है।
भारती वरुडकर के पदभार संभालने के बाद जिले के वंचित और कमजोर वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग में लंबित मामलों के निपटारे के साथ छात्रवृत्ति, विकास योजनाओं और अन्य सामाजिक कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलने की अपेक्षा है।
सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि पूर्णकालीन अधिकारी की नियुक्ति से विभाग के कामकाज में नियमितता आएगी और लाभार्थियों से जुड़े मामलों के निपटारे में भी तेजी आ सकती है।