Gondia Tree Plantation Drive: गोंदिया जिले में वर्ष 2026-27 के मानसून सत्र के दौरान 1 जुलाई से पौधारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग, सामाजिक वानिकी विभाग, क्रीड़ा विभाग, कृषि विभाग, महिला व बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के माध्यम से 1 करोड़ 72 लाख 4 हजार पौधारोपण की योजना बनाई गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं व आम नागरिकों से उक्त अभियान में शामिल होने की अपील की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक 300 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके लिए हरित महाराष्ट्र आयोग की स्थापना की गई है। इसी योजना के तहत गोंदिया जिले को प्रतिवर्ष करीब दो करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया जाता है। इस वर्ष जिले को 1 करोड़ 72 लाख 4 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले के विभिन्न विभागों को पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है।
जिसमें रेशीम विभाग को 1.26 लाख, वन विभाग को 5 लाख, सामाजिक वनीकरण विभाग को 1.33 लाख, एफडीसीएम को 1.50 लाख, कृषि विभाग को 1.80 लाख, जिप ग्राम विकास विभाग को 2.43 लाख, नपा को 1.22 लाख, शिक्षा विभाग को 5 हजार, लोक निर्माण विभाग को 50 हजार, सिंचाई विभाग को 50 हजार, राजस्व विभाग को 8 हजार, एमआईडीसी विभाग को 2 हजार, पुलिस विभाग को 3 हजार, उच्च व तकनिकी शिक्षा विभाग को 3 हजार, मृदा व जल संधारण विभाग को 15 हजार, सहकार, पणन व कपड़ा उद्योग को 1 हजार, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को 10 हजार, उर्जा विभाग को 2 हजार, आदिवासी विकास विभाग को 2 हजार, महिला व बाल विकास विभाग को 1 हजार, पर्यटन विभाग को 8 हजार, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल को 50 हजार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 50 हजार, रेलवे विभाग, क्रीड़ा विभाग, एनजीओ सहित अन्य विभाग को कुल 1 करोड़ 72 लाख 4 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
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जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि महाराष्ट्र सरकार के राजस्व व वन विभाग के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा किया जाए। साथ ही, पौधारोपण के लिए उपलब्ध भूमि, कार्यक्रम की कार्ययोजना तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर जिलाधीश कार्यालय को प्रस्तुत की जाए। पौधारोपण के दौरान भावा, अर्जुन, कुसुम, बरगद, कंचन, आम, जामुन, इमली, करंज, बेर, आंवला, बबूल, सीताफल, बेल, सागौन, पीपल, अंबर, हिवर, पलाश सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।