Gondia District Road Accidents Statistics: जनवरी से शादियों का सीजन शुरू होता है और ठंड का मौसम कम होता है, जिससे यातायात की गति बढ़ जाती है। यातायात नियमों का पालन न करने से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है। जनवरी से अप्रैल तक जिले में 136 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और 80 लोगों की मौत हो चुकी है। 73 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 21 लोग मामूली रूप से घायल हैं।
ऐसे कुल 94 घायल हुए हैं। सड़कें चौड़ी होने के साथ ही हाईवे पर वाहनों की रफ्तार भी बढ़ गई है। ऐसे में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके ही यात्रा करने की अपेक्षा की जाती है। मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक है और मौतों की संख्या भी अधिक है। बिना हेलमेट और तेज गति से वाहन चलाने के कारण भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। गोंदिया जिले में कुल 16 ब्लैकस्पॉट हैं।
इसमें ग्रामीण थाने के अंतर्गत कारंजा बस स्टैंड, फुलचूर, रामनगर थाने के अंतर्गत कटंगी परिसर, भागवतटोला परिसर, रावणवाड़ी में त्रिमूर्ति चौक, रावणवाड़ी बस स्टैंड, कोरनी नाका, तिरोड़ा में अदानी पावर प्लांट के सामने, बिरसी फाटा, मुंडीकोटा, गोरेगांव तहसील में मुरदोली, डुग्गीपार थाने के तहत डव्वा, नैनपुर, चिखली, अर्जुनी मोरगांव थाने के तहत ईटखेड़ा, सालेकसा थाने के तहत साखरीटोला, डोंगरगांव, झालिया, पानगांव, देवरी थाने के अंतर्गत मुरदोली, धोबीसराड और लोहारा शामिल है। इस सड़क पर हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
जनवरी से अप्रैल तक चार महीनों के दौरान कुल 136 दुर्घटना हुईं, जिनमें 80 लोगों की जान चली गई। 73 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 21 लोग मामूली रूप से घायल हुए। जिले में हादसों का यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है और इसे रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। चालका यात्रा करते समय लोग अपने हर स्तर पर सुरक्षा का ख्याल रखें। वहीं मेडिकल से संबंधित प्राथमिक उपचार उपकरण अपने साथ हमेशा रखे।
| माह | कुल दुर्घटनाएं | कुल मृत्यु | कुल घायल |
| जनवरी | 28 | 17 | 17 |
| फरवरी | 36 | 22 | 25 |
| मार्च | 40 | 21 | 29 |
| अप्रैल | 32 | 20 | 22 |
| कुल योग | 136 | 80 | 93 |
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गोंदिया जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीट बेल्ट के नियम का पालन सभी को करना चाहिए। जीवन सुरक्षा व्यवस्था में सीट बेल्ट आवश्यक है। सीट बेल्ट की कमी के कारण जान गंवाने वालों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है। इसके लिए सभी को सीट बेल्ट लगाना चाहिए। जिला परिवहन विभाग लगातार जनजागृति कर रहा है। बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें।