Women's Hormonal Health Care in Maharashtra: महिलाओं और किशोरियों में बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ती हार्मोनल और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं के समय पर निदान और उचित उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर विशेष 'पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) क्लिनिक' शुरू किए गए हैं। लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री की संकल्पना से लोक स्वास्थ्य विभाग ने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने इस संवेदनशील स्वास्थ्य मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है क्योंकि यह समस्या विशेष रूप से किशोरियों और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में बहुत तेजी से बढ़ रही है। जिले के प्रमुख अस्पतालों, महिला अस्पतालों, 100 बिस्तरों वाले उपजिला अस्पतालों और नगर निगम अस्पतालों के समन्वय से इन विशेष पीसीओडी क्लीनिकों को शुरू किया गया है। यह सभी क्लिनिक हर सप्ताह बुधवार को 'मेनोपॉज ओपीडी' के साथ विशेष रूप से चलाए जाएंगे।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पीसीओडी महिलाओं के शरीर में होने वाली एक गंभीर हार्मोनल समस्या है, जिसके परिणामस्वरूप पीरियड्स में अनियमितता होना, अचानक वजन बढ़ना, गर्भधारण में समस्या, अत्यधिक मानसिक तनाव, अवसाद, त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याएं और अन्य शारीरिक स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा होती हैं। आजकल की अत्यधिक भागदौड़ वाली और तनावपूर्ण जीवनशैली तथा खान-पान की गलत आदतों के कारण छोटी उम्र की किशोर लड़कियों में भी यह बीमारी तेजी से घर कर रही है। समय पर इलाज न मिलने से यह समस्या भविष्य में और भी ज्यादा विकराल रूप ले लेती है।
महाराष्ट्र सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में आने वाली महिलाओं को पूरी तरह मुफ्त चिकित्सा जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श और उचित आहार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। गोंदिया जिले में वर्तमान में छह प्रमुख स्थानों पर पीसीओडी क्लीनिक सफलता पूर्वक स्थापित कर दिए गए हैं। जिले के ऐसे ग्रामीण अस्पतालों में, जहां गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध हैं, वहां इस क्लिनिक की विशेष सुविधा सुचारू रूप से प्रदान की जा रही है।
जिले के छह मुख्य केंद्रों जिनमें सालेकसा, अर्जुनी मोरगांव, देवरी, तिरोड़ा, नवेगांवबांध और रजेगांव शामिल हैं, वहां के ग्रामीण और उपजिला अस्पतालों में यह पीसीओडी क्लीनिक महिलाओं की सेवा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
गोंदिया के जिला शल्य चिकित्सक डॉक्टर पुरुषोत्तम पटले ने इस नई स्वास्थ्य सुविधा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि आजकल की आधुनिक और व्यस्त जीवनशैली के कारण किशोर लड़कियों और प्रजनन आयु की महिलाओं में पीसीओडी की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। सरकारी स्तर पर शुरू किए गए ये विशेष क्लीनिक पीड़ित महिलाओं को बिल्कुल सही समय पर उचित उपचार और विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करेंगे। इससे महिलाओं को अपनी बीमारी को समझने और उसे प्राथमिक स्तर पर ही नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में होने वाली अन्य गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों को रोकने में काफी बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने जिले की सभी जरूरतमंद महिलाओं से इस सरकारी सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।