जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनती रूपाली चाकणकर (फोटो नवभारत) 
गोंदिया

‘महिला आयोग आपके द्वार’ पहल से मिला त्वरित न्याय, रूपाली चाकणकर ने सुनी गोंदियावासियों की समस्याएं

Gondia News: गोंदिया में 'महिला आयोग आपके द्वार' जनसुनवाई में 56 शिकायतें दर्ज, 8 पारिवारिक विवाद सुलझे। आयोग ने महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।

आकाश मसने

Gondia News In Hindi: गोंदिया जिले में 'महिला आयोग आपके द्वार' पहल के तहत आयोजित जनसुनवाई सफल रही और कुल 56 शिकायतों पर कार्रवाई की गई। जनसुनवाई के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने बताया कि आयोग 8 पारिवारिक मामलों का निपटारा करने और आपसी सौहार्द बहाल करने में सफल रहा।

'महिला आयोग आपके द्वार' पहल के तहत महिलाओं की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए राज्य महिला आयोग द्वारा जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में जनसुनवाई का आयोजन किया गया।

इस जनसुनवाई कार्यक्रम में महिला आयोग की भूमिका प्रस्तुत करते हुए चाकणकर ने कहा कि कानून, सुरक्षा और प्रशासन प्रत्येक नागरिक के लिए हैं। कानून का वास्तविक क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है और 'महिला आयोग आपके द्वार' पहल के कारण कई वर्षों से लंबित और महिलाओं की लंबित शिकायतों को न्याय मिल रहा है।

रूपाली चाकणकर ने आश्वासन दिया कि राज्य महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों के निवारण के लिए प्रतिबद्ध है। जनसुनवाई में कुल 56 शिकायतें व्यक्तिगत रूप से दर्ज की गईं, जिनमें से सबसे अधिक शिकायतें घरेलू हिंसा की थीं। परामर्शदाताओं की सहायता से 8 पारिवारिक विवादों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।

3 पैनल से शिकायतों का समाधान

महिलाओं की शिकायतों के समाधान के लिए तीन पैनल बनाए गए थे। जिसमें कानूनी विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी, धर्मार्थ संगठनों के प्रतिनिधि, महिला व बाल सहायता केंद्र के परामर्शदाता और अन्य अधिकारी व सदस्य शामिल थे। इस पैनल ने महिलाओं की समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवड़े, जिलाधीश प्रजित नायर, एसपी गोरख भामरे, अपर जिलाधीश मिनाज मुल्ला, डॉ. पद्मश्री बैनाडे, भैयासाहेब बेहेरे, मानसी पाटिल, प्रमिला जाखलेकर, रेशमा मोरे सहित पैनल में शामिल परामर्शदाता, शिकायतकर्ता, कानूनी विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी, धर्मार्थ संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

महिलाओं की उपस्थिति

महिला आयोग की इस जनसुनवाई में जिले की महिलाओं की अच्छी उपस्थिति रही। आने वाली प्रत्येक महिला को पहले कमरे के बाहर रखी पंजीकरण तालिका से एक टोकन नंबर दिया गया। इसके बाद, महिलाओं ने अपनी लिखित शिकायतें और समस्याएं पैनल के समक्ष प्रस्तुत कीं। पैनल के सदस्यों ने प्रत्येक महिला की बातों को आत्मीयता से सुना और उन पर कार्रवाई की।

संतुष्ट दम्पतियों को दिए गुलाब फूल

जिन परिवारों में किसी कारणवश गलतफहमियां हो गई थीं, उन्हें इस अवसर पर परिवार में सामंजस्य स्थापित करने के लिए परामर्श दिया गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष चाकणकर ने सुलह करने वाले दम्पतियों को गुलाब के फूल देकर उनके नए जीवन की कामना की।

दामिनी टीम का किया आभार

राज्य महिला आयोग के निर्देशानुसार गठित दामिनी टीम के माध्यम से समय-समय पर काउंसलिंग की जाती है। प्रधानाचार्य अभिषेक अग्रवाल ने चाकणकर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री महावीर मारवाड़ी स्कूल के विद्यार्थियों को इससे बहुत लाभ मिल रहा है। इस स्कूल में लगभग 1,300 विद्यार्थी हैं। प्रस्तावना डॉ। पद्मश्री बैनाडे ने रखी। संचालन रजनी रामटेके ने किया और आभार रेशमा मोरे ने माना।

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