Scheduled Caste Atrocity (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
गोंदिया

एट्रोसिटी मामलों को प्राथमिकता से संभालें विभाग, जिलाधीश मंगेश गोंदावले के निर्देश

Gondia Atrocity Cases: गोंदिया में जिला दक्षता एवं नियंत्रण समिति की बैठक में जिलाधीश गोंदावले ने एट्रोसिटी मामलों को प्राथमिकता से संभालने और दोषियों को सजा दिलाने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए। 

महाराष्ट्र डेस्क

Gondia Administration: पिछड़े वर्ग के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने और उन्हें सामाजिक न्याय दिलाने के लिए एट्रोसिटी एक्ट बनाया गया है। एट्रोसिटी अपराधों में सजा की दर बढ़ाने में आने वाली मुश्किलों को संबंधित विभाग प्राथमिकता से संभाले।

ऐसे निर्देश जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले ने जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में जिला दक्षता व नियंत्रण समिति आयोजित सभा में दिए। सभा में समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर, पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम अहेरकर, जिला सूचना अधिकारी अंजू कांबलेनिमसरकर, विधि अधिकारी मिलिंद चवरे और नागरी हक संरक्षण टीम के प्रतिनिधि उत्तम दहीवले उपस्थित थे।

विविध मामलों का लिया संज्ञान

जिलाधीश ने कहा कि स्थानीय क्राइम ब्रांच जिला शासकीय अभियोक्ता के साथ समन्वय करके पुलिस जांच के तहत आने वाले अपराध को न्यायालय से निकलवाए। पुलिस थाना डुग्गीपार में पीड़ित महिला का जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए जरूरी कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए।

दोषियों को सजा दिलाने पर जोर

पुलिस थाना आमगांव में मृतका का जाति प्रमाणपत्र बनाने के बारे में उप विभागीय अधिकारी देवरी को पत्र भेजकर बताया जाए। उन्होंने इस दौरान यह भी निर्देश दिए कि आमगांव में मृतका का नाम लिखकर सुधारित पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के बारे में संबंधित वैद्यकीय अधिकारी को लिखित में बताया जाए।

अपराधों का ब्योरा पेश किया

इसके बाद, समिति सदस्य सचिव किशोर भोयर ने सभा के सामने मई 2026 तक पुलिस विभाग को मिले कुल अपराधों की स्थिति, पुलिस जांच के तहत अपराध की स्थिति, पुलिस फाइनल अपराध की स्थिति, न्यायालय में लंबित अपराध की स्थिति और आर्थिक मदद के लिए लंबित अपराध की स्थिति प्रस्तुत किया।

आर्थिक वर्ष 2026-27 (मई 2026 तक) एट्रोसिटी अपराधों की स्थिति

अपराध का प्रकार मामलों की संख्या
हत्या 2
हत्या की कोशिश 0
दुष्कर्म 0
छेड़छाड़ 2
मारपीट / गंभीर चोट 1
आगजनी 0
गाली-गलौज 2
अन्य 2
कुल अपराध 9

वर्गवार स्थिति

श्रेणी मामलों की संख्या
अनुसूचित जाति (SC) 6
अनुसूचित जनजाति (ST) 3
कुल 9
स्थिति मामलों की संख्या
पुलिस जांच में 9
कुल 9

आर्थिक वर्ष 2025-26 एट्रोसिटी अपराधों की स्थिति

स्थिति मामलों की संख्या
न्यायालय में लंबित 51
पुलिस द्वारा फाइनल 4
पुलिस जांच में 1
कुल अपराध 56

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