Highlights:
आमगांव तहसील कार्यालय के सेतु केंद्र की महाऑनलाइन आईडी के वॉलेट से 11,250 रुपए के अनधिकृत इस्तेमाल का मामला सामने आया।
सेतु केंद्र के ऑपरेटर संतोष लिंगोजवार ने लेन-देन की जांच के दौरान बिजली बिलों के भुगतान में सरकारी राशि इस्तेमाल होने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार को शिकायत दी।
तहसीलदार मोनिका कांबले की जांच में राजेश देवराम खोटेले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आई।
Amgaon Tehsil Setu Kendra: गोंदिया जिले के आमगांव तहसील कार्यालय के सेतु केंद्र की महाऑनलाइन आईडी के वॉलेट से 11 हजार 250 रु. का अनधिकृत इस्तेमाल कर गबन किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में किकरीपार निवासी राजेश देवराम खोटेले (35) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
तहसीलदार की जांच में महाऑनलाइन आईडी के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान किए जाने और इसके लिए सरकारी राशि का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है।
आमगांव के विद्यानगरी निवासी शिकायतकर्ता संतोष लिंगोजवार (51) वर्ष 2003 से तहसील कार्यालय के सेतु केंद्र में संविदा आधार पर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। उनके जिम्मे नागरिकों के जाति, अधिवास, आय, नॉन क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेजों के आवेदन स्वीकार कर महाऑनलाइन आईडी पर अपलोड करने का काम है। आवेदकों के प्रमाणपत्रों क। शुल्क आईडी के वॉलेट से काटा जाता है। इसके बाद प्रतिदिन क हिसाब तैयार कर राशि तहसील कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक के पास जमा की जाती है।
अक्टूबर की सुबह लेन-देन कं जांच के दौरान लिंगोजवार के ध्यान आया कि वॉलेट की राशि का इस्तेमाल बिजली बिलों के भुगतान के लिए किया गया है। कुल 11,250 रु. की राशि अन्यत्र इस्तेमाल किए जाने का पता चलने पर उन्होंने तहसीलदार मोनिका कांबले को लिखित शिकायत दी। तहसीलदार कांबले ने जांच के दौरान संबंधित उपभोक्ताओं और बजाज फाइनेंस के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
जांच में सामने आया कि राजेश खोटेले ने बकाया बिजली बिल भरने के बदले अपने कर्ज की किस्त जमा कराने की व्यवस्था करने के लिए कहा था। कुछ वसूली प्रतिनिधियों के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई। महाऑनलाइन आईडी का अनधिकृत इस्तेमाल किसने किया, इसकी पुष्टि के लिए तहसीलदार ने जिलाधिकारी कार्यालय की महाऑनलाइन शाखा से पैक आईडी ट्रेस करने का अनुरोध किया था।
वॉलेट से निकाली गई राशि से शैलेश नढे, गणेशराम पुंडे, अनिरुद्ध भालेकर, जयगोपाल सोनवाने, जग्गु मेश्राम, पोगराज कटरे, सोमा शिवनकर और कैलाश फूलवाध के नाम पर बिजली बिलों का भुगतान किया गया। मामले मैं आगे की जांच जारी है।