गोंदिया ACB ने 13 अक्टूबर को की कार्रवाई।
48 वर्षीय पूर्व सैनिक ने पांच एकड़ कृषि भूमि के लिए किया था आवेदन।
ग्राम पंचायत प्रस्ताव और NOC तैयार कराने के बदले 6.50 लाख रुपये मांगने का आरोप।
एक लाख रुपये स्वीकार करते समय ग्रामसेविका और उनके पति पकड़े गए।
सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के नाम पर 5.50 लाख रुपये मांगने का आरोप।
Gondia ACB Bribery Case Gramsevika Arrested: गोंदिया में ACB ने 13 अक्टूबर को रिश्वतखोरी के मामले में ग्रामसेविका उषा जयकृष्ण पाटील और उनके पति रमाकांत ग्यानीराम मोटघरे को पकड़ा। आरोप है कि पूर्व सैनिक को पांच एकड़ कृषि भूमि आवंटन के प्रस्ताव के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव और NOC तैयार कराने के बदले कुल 6.50 लाख रुपये मांगे गए थे। दोनों कथित तौर पर एक लाख रुपये स्वीकार करते समय पकड़े गए।
गोंदिया, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), गोंदिया की टीम ने 13 अक्टूबर को एक ग्रामसेविका और उनके पति को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा। आरोप है कि पूर्व सैनिक को सरकारी योजना के तहत पांच एकड़ कृषि भूमि दिलाने से संबंधित प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत का प्रस्ताव और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) तैयार कराने के बदले कुल 6 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से एक लाख रुपये स्वीकार करते समय दोनों ACB के जाल में फंस गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता 48 वर्षीय पूर्व सैनिक हैं। उन्होंने पूर्व सैनिक होने के नाते शासन से पांच एकड़ कृषि भूमि प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी, गोंदिया के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
इस प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित करवाना और NOC से संबंधित दस्तावेज तैयार करना आवश्यक था। आरोप है कि इसी काम को कराने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
मामले में ग्रामसेविका उषा जयकृष्ण पाटील और पंचायत समिति सालेकसा के गृह साधन केंद्र में विषय साधन व्यक्ति के पद पर कार्यरत रमाकांत ग्यानीराम मोटघरे के नाम सामने आए हैं।
आरोप के अनुसार, दोनों ने सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये मांगे। इसके अतिरिक्त काम शुरू करवाने के लिए अपने लिए अलग से एक लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप है। इस तरह रिश्वत की कुल कथित मांग 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
शिकायत के आधार परभ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछाया। एक लाख रुपये स्वीकार करते समय ग्रामसेविका और उनके पति को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।