पटाखे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
गोंदिया

दिवाली से पहले बढ़े पटाखों के दाम, कश्मीर क्वीन, मैजिक बम और पबजी गन ने बाजार में मचाई धूम

Firecrackers News: दीपावली के लिए बाजार में बच्चों और बड़े पटाखों की नई किस्में आई हैं। महंगाई के चलते 5-40% तक कीमतें बढ़ीं, लेकिन उत्साह में कमी नहीं आई।

आकाश मसने

Firecrackers Price Increase: दशहरा के बाद सभी को दीपावली का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार दीपावली के मौके पर बच्चों के लिए विशेष रोचक पटाखे मार्केट में आए हैं। इनमें कश्मीर क्वीन, मैजिक बम, लाइट डिस्को, म्यूजिक माला, कलर स्मोक, कुरकुरे, पबजी गन व क्रैकिंग पिकॉक का समावेश है।

दीपावली का उत्साह सभी तरफ चरम पर है। मकान के रंग-रोगन, कपड़े व अन्य वस्तुओं की खरीदारी के लिए बाजार परिसर में नागरिकों की भीड़ दिखाई दे रही है। वहीं अच्छा कारोबार होने की वजह से दुकानों में नई वस्तुओं को लाकर ग्राहकों को अपनी दुकान की ओर आकर्षित किया जा रहा है। लेकिन सभी तरफ महंगाई का असर देखा जा रहा है।

महंगाई की वजह से कई पटाखा व्यवसायियों द्वारा इस बार पटाखे कम मंगाने की जानकारी दी गई। दीपावली का त्यौहार नजदीक होने से पटाखा विक्रेताओं ने नए प्रकार के पटाखों के स्टॉल बाजार में लगाए हैं।

बाजार में कई प्रकार के पटाखे आए हैं। आइटम बम में टॉप टाइगर, पायली में थ्रीडी, 240 शॉट, चौरस में हाथी लड़ाई, चक्र में वीजवील, म्यूजिक वील, धमाका में 3 साउंड धमाका व अनार में मल्टी कलर कोट बिग पटाखों का समावेश है।

पटाखों के दाम में 5 से 40% वृद्धि

दिवाली के दौरान आसमान को रोशन करने वाली आतिशबाजी में महंगे पटाखे भी हैं। इस बार विभिन्न प्रकार के पटाखों की कीमतों में वृद्धि हुई है। ऐसे में दीपावली के दौरान पटाखे खरीदने से आम लोगों की जेब काफी हल्की हो सकती है।

सुतली बम, बुलेट बम, पेड़, पहिया, तोता, लौंग आदि वाले पटाखों की कीमतों में 5 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फुलझडियां, चक्र, रॉकेट जैसी मशहूर और अन्य कंपनियों की कीमतों में 15 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आसमान छूती कीमतों में आकाश में उड़ने वाले पटाखों में सबसे ज्यादा 20 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। विक्रेताओं ने बताया कि सभी तरह के पटाखों के दाम में बढ़ोतरी को देखते हुए औसतन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कही जा सकती है। जिससे पटाखे खरीदते समय जेब पर कम से कम 30 प्रतिशत का भार पड़ेगा।

व्यवसाय को बेहतर आय की उम्मीद

पटाखा विक्रेताओं की मानें तो पटाखा बनाने के लिए बेकार कागज, सुतली जैसे कच्चे माल का उपयोग किया जाता है। इस साल इनमें से कई चीजें की कीमतों में इजाफा हुआ है। इसके अलावा, श्रमिकों की बढ़ी हुई मजदूरी के साथ-साथ डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार वृद्धि।

परिवहन की बढ़ी हुई लागत, बिजली की बढ़ी हुई दरों ने सभी पटाखों की कीमतों में वृद्धि की है। थोक पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि विभिन्न प्रकार के पटाखों में वृद्धि हुई है। पटाखों को बढ़ी हुई दरों पर थोक में खरीदना पड़ रहा है। पटाखा व्यवसायियों के अनुसार इस साल हमें पटाखों के व्यवसाय को बेहतर आय की उम्मीद दिख रही है।

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