Deori Sarpanch Reservation Lottery: गोंदिया जिले के देवरी तहसील की 55 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद की आरक्षण लॉटरी 9 सितंबर को घोषित की गई, हालांकि, इस लॉटरी में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए एक भी सीट आरक्षित न किए जाने से ओबीसी समाज में भारी रोष है। इस अन्याय के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी और देवरी तहसील के सभी ओबीसी संगठनों की ओर से उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण लॉटरी की तुरंत पुनः जांच करने की मांग की गई है।
तहसील में ओबीसी समाज की आबादी 35 से 40 प्रश. से अधिक है। कई गांवों में ओबीसी मतदाता बहुसंख्या में होने के बावजूद 55 में से एक भी ग्रापं में ओबीसी वर्ग के लिए सरपंच पद आरक्षित न रखना ओबीसी समाज के साथ बड़ा अन्याय है। महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के परिपत्रक और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कुल आरक्षण का 27 प्रश स्थान ओबीसी समाज के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है। लेकिन, यह लॉटरी निकालते समय जनसंख्या के अनुपात और रोटेशन के नियमों का उल्लंघन होने का संदेह ज्ञापन में व्यक्त किया गया है।
अनुसूचित जनजाति 29 ग्राप, अनुसूचित जाति 06 ग्रापं, अनारक्षित /सामान्य 20 ग्रापं, अन्य पिछड़ा वर्ग 00 (शून्य) है। प्रमुख मांगों में देवरी तहसील की 55 ग्रापं के सरपंच पद की आरक्षण लॉटरी की तुरंत पुनः जांच की जाए, नियमानुसार 27 प्रश. आरक्षण के हिसाब से ओबीसी समाज को कम से कम 14 से 15 ग्रापं में सरपंच पद आरक्षित कर न्याय दिया जाए, पुनः जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक वर्तमान में घोषित सरपंच पद आरक्षण लॉटरी पर तुरंत रोक लगाने का समावेश है।
मांगों का ज्ञापन भाजपा तहसील अध्यक्ष संजू उइके और तहसील के सभी ओबीसी संगठनों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से प्रशासन को सौंपा गया, उचित कार्रवाई न होने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है प्रतिनिधि मंडल में भाजपा तहसील अध्यक्ष संजू उइके, पंस सभापति अनिल बिसेन, शहर अध्यक्ष पारस कटकवार, विनोद भंडारकर, कृष्णदास चौपकर, भाऊराव येरणे सहित भाजपा कार्यकर्ता और ओबीसी समाज बंधुओं का समावेश था।