ग्राम पंचायत सदस्य सुनील गिरडकर (सोर्स - फाईल फोटो) 
महाराष्ट्र

Gondia जिला परिषद में मचा हड़कंप; मनरेगा मजदूरी के लिए ग्राम पंचायत सदस्य ने कीया 'मैं भी कॉकरोच' आंदोलन

Main Bhi Cockroach: गोंदिया जिला परिषद कार्यालय में मनरेगा मजदूरी का भुगतान न होने पर एक ग्राम पंचायत सदस्य ने 'मैं भी कॉकरोच' का बैनर लगाकर भीख मांगो आंदोलन किया, जिससे कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।

केतकी मोडक

Main Bhi Cockroach Social Media Trend: सोशल मीडिया पर इस समय तेजी से वायरल हो रहा 'मैं भी कॉकरोच' का डिजिटल ट्रेंड अब गोंदिया जिले में भी राजनीतिक और प्रशासनिक विरोध का माध्यम बन गया है। जिले के मुख्य जिला परिषद (जिप) कार्यालय में गुरुवार को इस अनोखे ट्रेंड की गूंज देखने को मिली।

पिछले दो वर्षों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत किए गए दैनिक कार्यों का भुगतान न होने से नाराज एक ग्राम पंचायत सदस्य सीधे जिला परिषद कार्यालय परिसर में दाखिल हुआ। उसने अपने शरीर पर 'मैं भी कॉकरोच' का बैनर लगाकर भीख मांगो आंदोलन शुरू कर दिया, जिससे जिला परिषद मुख्यालय में कुछ समय के लिए भारी हड़कंप मच गया।

आमगांव तहसील के पिपरटोला गांव का है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अनोखे अंदाज में आंदोलन की शुरुआत करने वाले जनप्रतिनिधि का नाम सुनील गिरडकर है। गिरडकर गोंदिया जिले की आमगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिपरटोला के निर्वाचित सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उनके गांव पिपरटोला में मनरेगा योजना के तहत विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत हुए थे। इन सरकारी कार्यों में गांव के दर्जनों गरीब परिवारों और मजदूरों ने कड़ी मेहनत कर अपना योगदान दिया था। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कार्य पूरा होने के बाद भी पिछले दो वर्षों से इन गरीब मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी का भुगतान प्रशासनिक स्तर पर नहीं किया गया है।

दफ्तरों के चक्कर काट कर थके, तब अपनाया सोशल मीडिया का ट्रेंड

ग्राम पंचायत सदस्य सुनील गिरडकर ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे बकाया पैसा दिलाने के लिए पिछले दो सालों से लगातार स्थानीय पंचायत समिति, जिला परिषद कार्यालय और संबंधित विभागीय अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। हर स्तर पर संपर्क साधने के बाद भी जब प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली और मजदूरों को बकाया मजदूरी नहीं मिली, तब जाकर उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया।

वे गुरुवार को जिला परिषद कार्यालय पहुंचे और 'मैं हूं कॉकरोच पार्टी' नाम का एक बड़ा पोस्टर लगाकर भीख मांगना शुरू कर दिया। उनके इस बेहद अलग ढंग के विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए कार्यालय के भीतर और बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।

मजदूरों के हक के लिए प्रशासन से लगाई अंतिम गुहार

इस पूरे मामले पर अपना रोष व्यक्त करते हुए ग्राम पंचायत सदस्य सुनील गिरडकर ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हम बार-बार मनरेगा मजदूरी की बकाया राशि के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। हमारे गांव के गरीब मजदूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी उदासीनता के कारण विवश होकर हमने यह भीख मांगो आंदोलन किया है ताकि इस कड़े कदम के जरिए सोए हुए प्रशासन तक हम मजदूरों और ग्रामीणों की सच्ची भावनाएं पहुंचा सकें। इस घटना के बाद जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और प्रलंबित भुगतान के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

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