जंगली हाथि ( सोर्स : सोशल मीडिया ) 
गढचिरोली

गड़चिरोली में जंगली हाथियों का भारी आतंक, किसानों की फसलों और सोलर पैनल समेत सीसीटीवी कैमरों को किया तबाह

Gadchiroli Elephant Attack: गड़चिरोली के पोर्ला वनपरिक्षेत्र में जंगली हाथियों ने नवरगांव में फसलों, सोलर पैनल और सीसीटीवी कैमरों को भारी नुकसान पहुंचाया। डरे किसानों ने मुआवजे की मांग की है।

रूपम सिंह

Gadchiroli Forest Department Wild Elephants: गड़चिरोली जिले के पोर्ला वनपरिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों के झुंड द्वारा किसानों की फसलों और कृषि उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाल ही में नवरगांव परिसर में हाथियों ने एक बार फिर उत्पात मचाते हुए किसानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे प्रभावित किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जंगली हाथियों के झुंड ने नवरगांव निवासी किसान दादाजी दशमुखे के खेत में घुसकर व्यापक तबाही मचाई। हाथियों ने खेत में स्थापित सोलर पैनल को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, उत्तर-दक्षिण दिशा में लगाए गए सोलर किट को भी उखाड़कर पूर्व-पश्चिम दिशा में झुका दिया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हाथियों ने खेत में बिछाई गई पाइपलाइन को भी तोड़ दिया।

दादाजी दशमुखे ने बताया कि इससे पहले भी हाथियों ने उनकी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया था। पिछले तीन वर्षों से वे लगातार जंगली हाथियों के कारण आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी स्तर पर कोई ठोस सहायता नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा और हाथियों के स्थायी बंदोबस्त की मांग की है।

केवल दशमुखे ही नहीं, बल्कि नवरगांव परिसर के कई अन्य किसान भी हाथियों के उत्पात से प्रभावित हुए हैं। बीते कुछ दिनों में हाथियों के झुंड ने क्षेत्र के अनेक खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

CCTV कैमरों को नुकसान

इसी क्रम में 28 मई की रात हाथियों ने फिर से नवरगांव में प्रवेश कर मारोती संभाजी चौधरी के खेत में लगे बोरवेल की पाइपलाइन और सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों द्वारा लगातार की जा रही तोड़फोड़ की घटनाओं से ग्रामीणों और किसानों में भय का वातावरण बना हुआ है। रात के समय खेतों की रखवाली करना भी किसानों के लिए जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल नुकसान का पंचनामा कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण पाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी उपाययोजना लागू करने की मांग भी की गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।

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