

Chandrapur Child Selling Racket: चंद्रपुर में एक ऐसी मां की करतूत का पर्दाफाश हुआ है जिसने रुपयों के लालच में अपने ही बच्चों को बेच दिया। अपने दो मासूम बच्चों को केवल 2 लाख रुपये में बेचने के बाद इस बेरहम महिला ने अपनी 15 साल की बेटी के नए जन्मे बच्चे को भी बेचने की योजना बनाई थी। परंतु, रामनगर पुलिस की सतर्कता से यह भयानक साजिश नाकाम हो गई और पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो गया। इस मामले में रामनगर पुलिस ने गुरुवार को आरोपी मां और बच्चा खरीदने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच, इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड अजय फुलझेले फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बुधवार को चारों आरोपियों के खिलाफ एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग और पोक्सो (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल ऑफेंस) एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुर्के ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला के पति की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मुलाकात अजय फुलझेले से हुई। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
हालांकि, कुछ ही दिनों में नराधम अजय का ध्यान महिला की नाबालिग बेटी पर चला गया। उसने नाबालिग लड़की के साथ कुकर्म किया। तब लड़की गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपी अजय और उस नाबालिग लड़की की मां ने चंद्रपुर शहर में बदनामी के डर से उसे प्रसव के लिए नागपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। अस्पताल प्रशासन के शक से बचने के लिए उन्होंने झूठी कहानी बनाई कि 'हमारे सारे दस्तावेज बाढ़ में बह गए' और कहा कि लड़की 20 साल की है।
हालांकि, मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों को लड़की की उम्र पर संदेह हुआ। बिना समय गंवाए उन्होंने मामला नागपुर शहर की अजनी पुलिस को सौंप दिया। अजनी पुलिस ने तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की और पुलिस से संपर्क किया। जैसे ही रामनगर पुलिस स्टेशन की सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी वाकड़े ने जांच का जिम्मा संभाला, उन्होंने पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया।
बयान लेते समय, पुलिस अधिकारी वाकड़े को संदेह हुआ कि यह सिर्फ लैंगिक अत्याचार का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। जब पुलिस ने पीड़ित की मां को हिरासत में लेकर उससे अच्छी तरह पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसने पहले भी अपने दो बच्चों को तेलंगाना और आस-पास के इलाकों में 2-2 लाख रुपये में बेचा था। वह अपनी नाबालिग बेटी से पैदा हुए नए जन्मे बच्चे को भी इसी तरह बेचने की योजना बना रही थी। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद, पुलिस ने मानव तस्करी का चार्ज लगाकर कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने तेलंगाना के कागजनगर से सीधे एक बच्चा खरीदने वाले और चंद्रपुर से एक दूसरी महिला को गिरफ्तार किया।
फरार मुख्य आरोपी अजय फुलझेले को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गिरफ्तार की गई दो महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बच्चा बेचने वाली महिला को 1 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह बड़ी कार्रवाई रामनगर पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुर्के और - सहायक पुलिस निरिक्षक वाकड़े ने एसपी आयुष नोपानी, अतिरिक्त एसपी ईश्वर कातकड़े और एसडीपीओ प्रमोद चौगुले के मार्गदर्शन में की।
बताया जाता है कि 2020 में जिले का सबसे चर्चित मामला सामने आया था। जिसमें 11 साल की लड़की की 10 साल तक यौन शोषण के साथ बिक्री की जाती रही। उसे कम से कम 7 बार खरीदा बेचा गया। हरियाणा के फतेहाबाद से उस लड़की को बचाया गया। उसका अपहरण 2010 में हुआ था।
इस घटना के 3 आरोपी गिरफ्तार हैं और पूरी जांच चल रही है। लोगों ने जानकारी दी थी कि एक महिला अपना ही बच्चा बेच रही है। जांच के दौरान यह बात सामने आई। यह सुनकर दिल टूट गया कि मां ही बच्चे की तस्करी कर रही है। यह बहुत संवेदनशील मामला है। पुलिस इस घटना के आरोपी अजय फुलझेले की तलाश कर रही है। वह जल्द ही पुलिस के जाल में फंस जाएगा। इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। - प्रभावती एकुर्के, थानेदार, रामनगर (चंद्रपुर)