Gadchiroli Labour Death Compensation Demand: गड़चिरोली जिले में सिंडराई रेत घाट पर रेत उत्खनन के दौरान जेसीबी मशीन के नीचे दबकर जूनी वडसा निवासी मजदूर विलास देवढवले की मृत्यु हुई थी। सोमवार को आजाद समाज पार्टी (आसपा) तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के निवास स्थान पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
प्रतिनिधिमंडल में आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष राज बंसोड़, माकपा के जिला सचिव अमोल मारकवार, विवेक खोबरागड़े, ऋषि सहारे, मंगेश बंसोड़, शुभम पाटील तथा प्रतीक डांगे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिवार से विस्तृत चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
परिजनों ने बताया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली है। इस दौरान राज बंसोड़ तथा अमोल मारकवार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने पीड़ित परिवार से मुलाकात तक नहीं की, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की असंवेदनशीलता उजागर होती है।
उन्होंने कहा कि विलास देवढवले अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इसलिए सरकार तत्काल मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे तथा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वडसा उपविभागीय पुलिस अधिकारी (SPDO) कार्यालय में दर्ज एफआईआर (FIR) के अनुसार केवल जेसीबी चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि रेत ठेकेदार, संबंधित कंपनी, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की न तो जांच की गई और न ही उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है।
यह भी पढ़ें:- नासिक मनपा के दो विभाग आमने-सामने, PWD ने सड़क खुदाई रोकी, जलापूर्ति विभाग ने काम जारी रखने के दिए आदेश
प्रतिनिधिमंडल ने गड़चिरोली जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा रेत ठेकेदार, संबंधित कंपनी, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित सभी लागू आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।