प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)  
गढचिरोली

गड़चिरोली को जलसंकट से मिलेगी राहत, 3 जून से वैनगंगा नदी में छोड़ा जाएगा पानी

Gadchiroli Water Supply: गड़चिरोली तहसील में शनिवार रात हुई तेज आंधी और बारिश के कारण दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति रातभर ठप रही, जिससे महावितरण के मानसून पूर्व दावों की पोल खुल गई है।

केतकी मोडक

Wainganga River Water Release: गडचिरोली वर्तमान जलसंकट के बीच नगर परिषद के जलापूर्ति सभापति लीलाधर भरडकर के लगातार प्रयासों को सफलता मिली है। प्रशासन के साथ पिछले पांच दिनों से किए गए समन्वय और गोसीखुर्द परियोजना अधिकारियों से चर्चा के बाद वैनगंगा नदी में पानी छोड़ने की मंजूरी मिल गई है। 3 जून से पानी छोड़ा जाएगा। जिससे 5 जून से गढ़चिरोली शहर की जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।

जलापूर्ति सभापति लीलाधर भरडकर ने बताया कि,गडचिरोली शहर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए सहपालक मंत्री एड। आशीष जायसवाल, जिलाधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता के साथ चर्चा कर 29 मई को प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद भंडारा जिले के जिलाधिकारी और गोसीखुर्द परियोजना के अधीक्षक अभियंता से वैनगंगा नदी में पानी छोड़ने का अनुरोध किया गया। गोसीखुर्द परियोजना के कार्यकारी अभियंता ने भी इसी संबंध में प्रस्ताव भंडारा जिलाधिकारी को भेजा था।

सोमवार को मिली मंजूरी

सोमवार 1 जून को भंडारा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वैनगंगा नदी के पात्र में पानी छोड़ने को मंजूरी प्रदान की गई। इस दौरान सभापति भरडकर ने भंडारा के पालकमंत्री पंकज भोयर, जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, अधीक्षक

 अस्थाई बांध का निर्माण युध्दस्तर पर

गडचिरोली नगर परिषद द्वारा वैनगंगा नदी में छोड़े जाने वाले पानी की रोककर संग्रहित करने के लिए नदी पात्र में मिट्टी और रेत डालकर अस्थायी बांध का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। यह कार्य 3 जून तक पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद शहर की जलापूर्ति पूर्ववत करने की योजना है। नागरिकों को राहत देने के लिए नगर परिषद ने फिलहाल दो पानी के टैंकर तथा एक निजी टैंकर की व्यवस्था की है, इन टैंकरों के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि लोगों को अस्थायी राहत मिल सके, जलापूर्ति सभापति लीलावर भरडकर ने विश्वास जताया कि, आगामी दिनों में शहर की जल समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

अभियंता तथा गोसीखुर्द परियोजना के कार्यकारी अभियंता से चर्चा कर गड़चिरोली की गंभीर जल समस्या से अवगत कराया। वर्तमान में प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए नागपुर स्थित जल संसाधन विभाग के सचिव के पास भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार 3 जून से गोसीखुर्द बांध से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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