प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )  
गढचिरोली

टाइपिंग परीक्षा फिर विवादों में, अधूरी रह गईं उत्तर पत्रिकाएं; तकनीकी खामी से सैकड़ों छात्र प्रभावित

Gadchiroli Typing Exam: टाइपिंग परीक्षा लगातार दूसरी बार तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गई। जोड़ाक्षर टाइप न होने से सैकड़ों छात्र परीक्षा पूरी नहीं कर सके, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

अंकिता पटेल

Technical Glitch Exam: गड़चिरोली परीक्षा परिषद की ओर से गड़चिरोली स्थित जिला परिषद कनिष्ठ विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित की जा रही टाइपिंग परीक्षा लगातार दूसरी बार तकनीकी अडचनों के कारण विवादों में घिर गई है।

13 जनवरी को मराठी 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग परीक्षा तकनीकी कारणों से रद्द कर दी गई थी। वहीं परीक्षा 16 जनवरी 2026 को पुनः आयोजित की गई, लेकिन इस बार भी छात्रों को पहले जैसी ही गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।

13 जनवरी को उत्पन्न हुई तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण शुक्रवार को परीक्षा के दौरान एक बार फिर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। गति-पाठ (स्पीड पैसेज) में संयुक्त अक्षर (जोड़ाक्षर) सही तरीके से टाइप नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते सैकड़ों छात्र परीक्षा पूरी नहीं कर सके।

कई छात्रों की उत्तर पत्रिकाएं अधूरी रह गईं, जबकि कुछ को परीक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ी। परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध कम्प्यूटर प्रणाली, सॉफ्टवेयर तथा फॉन्ट सेटिंग में खामियां होने का आरोप छात्रों ने लगाया है।

इससे छात्रों का कीमती समय और मेहनत व्यर्थ गई है। तथा मानसिक तनाव भी बढ़ा है। लगातार दो बार एक ही प्रकार की गलती होना परीक्षा व्यवस्था की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है, ऐसी तीखी प्रतिक्रिया छात्रों ने व्यक्त की।

तत्काल जांच के दिए आदेश

टाइपिंग परीक्षा के दौरान उत्पन्न हुई तकनीकी समस्याओं की जानकारी हमे प्राप्त हुई है। संबंधित परीक्षा केंद्र की कंप्यूटर प्रणाली और सॉफ्टवेयर की तत्काल जांच के आदेश दिए गए है। छात्रों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इसके लिए परीक्षा परिषद से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित छात्रों के लिए पुर्नपरीक्षा पर भी विचार किया जाएगा। - वासुदेव भुसे, माध्यमिक शिक्षाधिकारी, जिप, गडचिरोली

छात्रों ने दी आंदोलन करने की चेतावनी

इस घटना से आक्रोशित छात्रों ने तत्काल पुनः परीक्षा आयोजित करने तथा दोषी तंत्र पर कार्रवाई करने की स्पष्ट मांग की है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम तरीके से ली जानी चाहिए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।

इस बीच प्रशासन क्या निर्णय लेता है। इस पर सैकड़ों छात्रों की नजरें टिकी हुई है। विद्यार्थियों ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तीव्र किया जाएगा, और इससे स्थिति बिगड़ सकती है।

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