Gadchiroli Protest: लद्दाख के पर्यावरणविद् एवं शिक्षा विशेषज्ञ सोनम वांगचुक के समर्थन तथा NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से बर्खास्त करने की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर गड़चिरोली के इंदिरा चौक पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से विशाल प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार देश के महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दों की जानबूझकर अनदेखी कर रही है। साथ ही मांग की गई कि, नई दिल्ली में सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किए गए अनशन का सम्मानपूर्वक समाधान किया जाए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि, यदि 20 जुलाई तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों ने नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन भी घोषित किया।
इसके बाद भारत के राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन गड़चिरोली के थाना प्रभारी विनोद चव्हाण को आंदोलन स्थल पर सौंपा गया, प्रदर्शन में अखिल भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के रोहिदास राऊत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डॉ. महेश कोपुलवार, BRSP के मिलिंद बांबोडे, रिपब्लिकन नेता हंसराज उंदीरवाडे, भाकपा के देवराव चवड़े, संविधान फाउंडेशन के गौतम मेश्राम, आदिवासी युवा परिषद के कुणाल कोवे, आदिवासी एम्प्लॉइज फेडरेशन के माधव गावड, ओबीसी महासंघ के प्रा. शेषराव येलेकर, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के विलास निबोरकर, सर्वोदय मंडल के प्रा. देवानंद कामडी, कास्ट्राइब संगठन के राजकुमार घोडेस्वार, वीर बाबूराव समिति के वसंतराव कुलसंगे, मराठा सेवा संघ के सुरेश लाडके, माली समाज संगठन के हरिदास कोटरंगे, वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रा. गौतम डांगे, आदिवासी महिला संगठन की आरती कोल्हे, छात्र भारती के अशोक राऊत, वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रा. अशोक लांजेकर, तुलशीदास सहारे, सोनू आलम, रिपब्लिकन महिला आघाड़ी की नीता सहारे, सुनीता रायपुरे सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता, नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया। आंदोलन के दौरान पुलिस विभाग द्वारा बंदोबस्त रखा गया था।