गडचिरोली. अहेरी पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले महागांव निवासी कुंभारे परिवार के 5 सदस्यों की 20 दिनों के अंतराल में मृत्यु होने के मामले से पुलिस विभाग समेत संपूर्ण जिले में खलबली मच गयी थी. इस मामले में पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर भोजन के जरिये जहर दिये जाने की बात स्पष्ट होते ही जांच के दौरान कुंभारे परिवार की बहु संघमित्रा और संघमित्रा के पति की मामी रोजा रामटेके को गिरफ्तार किया गया.
इन दोनों की गिरफ्तारी से हत्यारों का पता चल पाया. लेकिन दोनों को जहर पहुंचानेवाले की तलाश पुलिस को थी. वहीं पुलिस ने दोनों महिला आरोपियों को रिमांड में लेकर जांच जारी रखी. इस दौरान इस मामले में संघमित्रा का एक्स बायफ्रेंड भी शामिल होने की बात स्पष्ट होते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम बुलढाणा जिले के खामगांव निवासी अविनाश ताजने (25) है.
महागांव निवासी शंकर कुंभारे, उनकी पत्नी विजया कुंभारे, बेटा रोशन कुंभारे, बेटी कोमल दहागांवकर और साली वर्षा ऊर्फ आनंदा उराडे इन पांच लोगों की 20 दिनों की अंतराल में मृत्यु होने से खलबली मच गयी थी. संबंधित गांव और परिसर के लोगों द्वारा भुतबाधा, गुप्तधन समेत अनेक विषयों को लेकर संभ्रम निर्माण हुआ था. इधर इस मामले में जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल ने गंभीरता से ध्यान देकर मामले की गंभीरता से जांच करने का आदेश अहेरी पुलिस और एलसीबी को दिया था. वहीं इस मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड सोंपी गयी थी. पुलिस ने विभिन्न पहलुओं की जांच कर आरोपियों को धरदबोचा है.
दोनों महिला आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस रिमांड मिलने के बाद दोनों की गंभीरता से जांच शुरू की गई. आरोपियों ने जहर के अलावा दो अलग-अलग तरह में जहर भी खरीदे थे.लेकिन वह जहर भोजन में मिलाने के बाद भोजन का स्वाद और रंग बदलने के कारण लाए गए जहर को भोजन में नहीं मिलाया. जांच में उक्त घातक जहर मुंबई से लाए जाने की बात स्पष्ट होने साथ ही उक्त जहर संघमित्रा का प्रेमी अविनाश द्वारा पहुंचाने और जगह खरीदने के लिये संबंधित कंपनी को पैसे पहुंचाने की बात स्पष्ट होने के बाद अविनाश को गिरफ्तार किया गया है.
अविनाश ताजणे व संघमित्रा कुंभारे इन दोनों की स्कूली जीवन से ही दोस्ती थी. संघमित्रा का रोशन कुंभारे के साथ विवाह होने के बाद दोनों के बीच दुरी निर्माण हो गयी. लेकिन विवाह के बाद संघमित्रा यह उपचार के अपने मायके अकोला जाने पर दोबारा दोनों एक-दुसरे के संपर्क में आ गये. जहां संघमित्रा ने ससूरालवालों द्वारा हो रही प्रतांडना की जानकारी अविनाश को देकर ससूरालवालों को मारने के लिये अविनाश की मदद मांगी. बता दे कि, संघमित्रा के कहने पर अविनाश ने दो बार जहर खरीदा और जहर खरीदने के लिये पैसों की मदद भी की. जिससे पुलिस ने गुरूवार को अविनाश को खामगांव परिसर से हिरासत में लिया. और जांच करने के बाद उसने अपराध कबुल किया है. जिससे उसे गिरफ्तार किया गया है.
संघमित्रा और रोजा रामटेके को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय ने दोनों को 10 दिन तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया गया था. ऐसे में शुक्रवार को पीसीआर की अवधि समाप्त होते ही दोनों को न्यायायल में पेश करने पर न्यायालय ने और 4 दिन तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है. वहीं गुरूवार को गिरफ्तार किये गये संघमित्रा के प्रेमी अविनाश को न्यायालय में पेश करने पर उसे भी 4 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है.
यह कार्रवाई जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल के, अपर पुलिस अधिक्षक यतीश देशमुख, अपर पुलिस अधिक्षक कुमार चिंता के मार्गदर्शन में उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड, एलसीबी के पुलिस निरीक्षक उल्हास भुसारी, अहेरी के थानेदार मनोज काळबांधे, सहायक पुलिस निरीक्षक राहुल आव्हाड, पुलिस निरीक्षक बालाजी सोनवणे और उनकी टिम ने की है.