गड़चिरोली में भारी बारिश होनें से आई बाढ़ (सोर्स: AI)
गढचिरोली

लगातार बारिश से गड़चिरोली बेहाल, नदी-नाले उफान पर, सड़कें टूटीं, फसलें बर्बाद, कई गांवों का टूटा संपर्क

Gadchiroli Heavy Rain Flood: गड़चिरोली में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें बह गईं, फसलें बर्बाद हुईं, कई गांवों का संपर्क टूटा और प्रभावित परिवार राहत व मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।

आलोक उमाकृष्ण

Gadchiroli Heavy Rain Flood Crops Damaged: गड़चिरोली जिले में मूसलाधार बारिश के कारण नदी और नालें उफान पर आई, जिससे कई मार्गों पर 2 दिनों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। विशेष रूप से भामरागड, राजोली और सिरोंचा तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों को भारी नुकसान हुआ है और अनेक परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

बाढ़ प्रभावित लोगों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में घरों का आवश्यक सामान बह गया। किसी की बकरियां पानी में बह गईं तो किसी के घर में रखा धान, चावल, कपड़े, बिस्तर, टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह खराब हो गया। कई परिवारों ने सालभर का जमा किया गया अनाज भी पानी में भीगकर खराब हो गया है। इससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों पर भारी विपत्ति आ गई है।

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर

इसका सबसे बड़ा असर नदी किनारे के किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी की फसल पानी में डूब जाने से कई स्थानों पर फसल सड़ने लगी है। कुछ क्षेत्रों में तो धान पूरी बुआई ही बह जाने की स्थिति है। इससे किसानों के सामने दोबारा बुआई का संकट खड़ा हो गया है। सड़क तथा पुलों की बदहाली उजागर लगातार बारिश के कारण जिले की कई ग्रामीण सड़कें बह गई हैं और कुछ स्थानों पर छोटे पुलों में भी दरारें आ गई हैं।

क्या है नागरिकों का आरोप?

बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व और संबंधित विभागों की टीमों द्वारा पंचनामा किए जाने का दावा प्रशासन कर रहा है। लोगों का आरोप है कि पंचनामा केवल औपचारिकता बनकर रह गया। प्रत्येक घर में जाकर नुकसान का विस्तृत निरीक्षण नहीं किया गया।

सिरोंचा तहसील की एक बाढ़ प्रभावित महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि कागज पर पंचनामा हुआ, लेकिन हमारे घर का कितना अनाज खराब हुआ और कितना सामान बह गया, यह किसी ने ठीक से देखा ही नहीं। इससे लोगों में यह भ्रम बना हुआ है कि आखिर किसे कितनी सहायता मिलेगी।

सरकार की मदद का इंतजार

बाढ़ प्रभावित नागरिक तथा किसान अब सरकार की मदद का इंतजार कर रहे हैं। घरों, पशुओं, अनाज और फसलों के नुकसान के लिए तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग उठ रही है। किसानों ने दोबारा बुआई के लिए मुफ्त बीज, खाद और विशेष अनुदान देने की भी मांग की है।

प्रशासन के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौति गड़चिरोली जैसे दुर्गम तथा नदी-नालों से घिरे जिले में बाढ के बाद पुनर्वास करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई गांवों में अब भी कीचड़, दूषित पानी और टूटे संपर्क मार्गों के कारण सामान्य जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे लोगों की चिंता बनी हुई है।

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