गड़चिरोली में भारी बारिश से मकान क्षतिग्रस्त (सोर्स: AI)
गढचिरोली

गड़चिरोली में चार दिन की बारिश से तबाही, 56 पशुओं की मौत, 512 मकान प्रभावित होने से लोगों ने मांगें मुआवजे

Gadchiroli Heavy Rain: गड़चिरोली में चार दिन की मूसलाधार बारिश से 512 मकान क्षतिग्रस्त हुए, 13 पूरी तरह ढह गए। 56 पशुओं की मौत हुई, जबकि प्रभावित परिवार अब राहत और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।

आलोक उमाकृष्ण

Gadchiroli Heavy Rain 512 Houses Damaged: जुलाई के अंतिम सप्ताह में लगातार चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने गड़चिरोली जिले में व्यापक तबाही मचाई। अतिवृष्टि के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे जिले के प्रमुख मार्गों सहित दो दर्जन से अधिक सड़कें तीन दिनों तक बंद रहीं।

कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारी बारिश के चलते खेती, मकानों और गौशालाओं को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा। जिला प्रशासन के प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 512 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 499 मकानों को आंशिक और 13 मकानों को पूर्ण नुकसान हुआ।

सबसे अधिक प्रभावित भामरागढ़ तहसील रही, जहां 276 मकानों को क्षति पहुंची। प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त सर्वेक्षण शुरू कर नुकसान का आकलन किया है।

तहसीलों में घर हुए क्षतिग्रस्त

बारिश और बाढ़ के कारण गड़चिरोली जिले की कई तहसीलों में मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। गड़चिरोली तहसील में 46 आंशिक और एक पूर्ण क्षति का मामला दर्ज हुआ, जबकि कुरखेड़ा में 21 आंशिक और सात पूर्ण रूप से मकान क्षतिग्रस्त हुए। अहेरी में 52 आंशिक और दो पूर्ण नुकसान के मामले सामने आए, वहीं सिरोंचा में 37 आंशिक और तीन पूर्ण रूप से मकान ढह गए।

चामोर्शी, आरमोरी, कोरची, धानोरा, मुलचेरा, देसाईगंज और एटापल्ली जैसी तहसीलों में भी कई घर प्रभावित हुए। प्रशासन ने बताया कि तहसील स्तर पर विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों ने सभी नुकसानग्रस्त मकानों का पंचनामा और सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। हालांकि प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा मिलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

लोगों को सरकार से सहायता का इंतजार

अतिवृष्टि के दौरान गाज गिरने, बिजली का करंट लगने और बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने जैसी घटनाओं में जिलेभर में 56 पशुओं की मौत हुई। इनमें सात बड़े और 49 छोटे पशु शामिल हैं। पशुपालकों को इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन अब तक उन्हें भी किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिल सका है। लगातार बारिश से खेती को भी गंभीर क्षति पहुंची है और कई क्षेत्रों में फसलें पानी में डूब गईं।

प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने सर्वेक्षण तो कर लिया है, लेकिन आर्थिक सहायता जल्द नहीं मिली तो सामान्य जीवन पटरी पर लाना मुश्किल होगा। गड़चिरोली जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही हैं और मंजूरी मिलने के बाद पात्र प्रभावितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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