जलसंकट की प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI) 
गढचिरोली

गड़चिरोली के देसाईगंज में गहराया जलसंकट, खेत के कुएं से पानी लाने को मजूबर ग्रामीण

Severe Water Shortage in Gadchiroli: नियमित जलापूर्ति बंद होने से टैंकरों पर निर्भरता बढ़ी, विधायक रामदास मसराम ने निरीक्षण कर अधिकारियों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अनन्या तिवारी

Gadchiroli Residents Face Severe Water Shortage: गड़चिरोली जिले के देसाईगंज शहर में पुरानी वडसा परिसर में पानी की गंभीर समस्या हो गई है। पुरानी वडसा परिसर के शास्त्री वॉर्ड जलसंकट गंभीर होने से नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देसाईगंज नगर परिषद प्रशासन की ओर से की जानेवाली नियमित जलापूर्ति बंद होने से स्थानीय नागरिकों की जलापूर्ति टैंकर द्वारा की जा रही है। विधायक रामदास मसराम को लगातार शिकायतें  मिलने के बाद उन्होंने शास्त्री वार्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने निरीक्षण कर नागरिकों की समस्याएं जानी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

दूषित पानी से बढ़ा स्वास्थ्य का खतरा

देसाईगंज शहर के पुराने वडसा परिसर में स्थित शास्त्री वार्ड में लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जलसंकट के चलते लोगों को दूर दराज से पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। दैनिक उपयोग के लिए खेत के कुएं से पानी लाना पड़ रहा है। कथित रूप से उस कुएं की स्थिति भी बेहद खराब है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, उस कुएं में कई मवेशी और पालतू श्वान गिरकर मृत हो चुके हैं । ऐसे गंदे व दूषित पानी के उपयोग से नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।

जलापूर्ति व्यवस्था का लिया जायजा

विधायक रामदास मसराम ने जलापूर्ति विभाग के अभियंता वैभव आत्राम के साथ जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्होंने कुओं की स्थिति का निरीक्षण किया और साथ में नागरिकों की समस्याओं की जानकारी भी ली।

निरीक्षण के दौरान विधायक रामदास मसराम ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाकर नियमित और शुद्ध पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कार्रवाई करने की मांग भी की।

स्थानीय नागरिकों ने व्यक्त की नाराजगी

इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराजगी व्यक्त की। शास्त्री वॉर्ड के जलसंकट की समस्या कायम स्वरूपी हल करने की मांग की गई। इस समय धनपाल मिसार, योगेश नेवारे, राजेश्वर सहारे, पांडुरंग बगमारे, भाऊराव नाकतोडे, शामराव तलमले, बकाराम प्रधान, हरिचंद्र ढोरे, रवींद्र धकाते, कुणाल नेवारे, महादेव नेवारे, मोजिम पठाण, सफी शेख, सुरेखा ढोरे, यशोदा सहारे, ममता नेवारे, विद्या नेवारे, व गांव के नागरिक उपस्थित थे।

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