गढचिरोली

आखिरकार 5 लोगों की मृत्यु मामले की सुलझी गुत्थी, बहु और मामी ने रचा षडयंत्र, गिरफ्तार

किर्तेश ढोबले
  •  भोजन और पानी में जहर देकर 5 लोगों की हत्या काम मामला

गडचिरोली. अहेरी  तहसील के महागाव (बु.) गांव में एक ही परिवार के बीस दिनों की कालाविध में 5 लोगों की मृत्यु होने के मामले से जिले में खलबली मच गयी थी. इस मामले की गुत्थी सुलझाने में आखिरकार पुलिस को सफलता मिलकर कुंभारे परिवार की बहू और मामी को 5 लोगों की हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है. ससुरालवालें की प्रताडना से त्रस्त बहु ने और संपत्ती के विवाद से मामी ने  षडयंत्र रचकर उक्त हत्याकांड करने की बात स्पष्ट हुई है. दोनों आरोपियों ने भोजन व पाणी के जरिये जहर देकर (स्लो पॉयझन) इस हत्याकांड को अंजाम दिया था.

महागांव निवासी शंकर तिरुजी कुंभारे (52), विजय शंकर कुंभारे, उनकी विवाहित कन्या गडअहेरी निवासी कोमल विनोद दहागावकर (29),  बेझगांव निवासी मौसी मावशी आनंदा उराडे (50 ), मूल निवासी बेटा रोशन शंकर कुंभारे (28) ऐसे मृतकों का नाम है. वहीं आरोपियों में कुंभारे परिवार की बहु संघमित्रा रोशन कुंभारे (25) और रोशन की मामी रोजा रामटेके (52) का समावेश है. दोनों महिला आरोपियों को बुधवार को अहेरी के न्यायालय में पेश करने पर न्यायालय ने 10 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है.

शंकर कुंभारे का महागांव  में फर्निचिर दुकान आहे. इस दौरान 22  सितंबर की रात भोजन करने के बाद विजया शंकर कुंभारे  की तबीयत बिगड गयी. जिससे पति शंकर तिरूजी कुंभारे ने उसे उपचार के लिये चंद्रपुर ले गये. इसके बाद  शंकर कुंभारे की भी तबीयत बिगड गयी. दोनों पर नागपुर में उपचार शुरू था. इसी बीच 26 सिंतबर को शंकर तो 27  को विजया की मृत्यु हो गयी. ऐसे में  विवाहित कन्या कोमल विनोद दहागावकर की तबीयत बिगडने से उसे चंद्रपुर ले जाते समय 8 अक्टूबर को बीच राह में ही उसने दम तोड दिया. 

वहीं शंकर कुंभारे बडा बेटा  रोशन कुंभारे (28) की 15 अक्टूबर को उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी. उसकी मौसी आनंदा उंदीरवाडे  की चंद्रपूर में उपचार के दौरान 14 अक्टूबर को मृत्यु हुई. बीस दिनों की कालावधि में एक ही परिवार के 5 लोगों की मृत्यु होने से अहेरी पुलिस को संदेह आया. जिससे अहेरी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी  डा. सुदर्शन राठोड तथा थानेदार मनोज कालबांधे ने जांच शुरू की.

जिले में खलबली मचा देनेवाले इस हत्याकांड की ओर जिलाधिश पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल भी गंभीरता से ध्यान रखे हुए थे. उनके नेतृत्व में इस मामले की गंभीरता से जांच करने पर कुंभारे परिवार की बहु संघमित्रा और रोशन की मामी रोजा रामटेके इन हत्याकांड को अंजाम देने की बात उजागर हुई.

अन्य तीन लोगों की तबीयत में सुधार

काफी सोच समझकर किये गये इस हत्याकांड में और तीन लोग गंभीर थे. इसमें रोशन के माता-पिता को अस्पताल ले जानेवाला महागाव बु. निवासी निजी वाहन चालक राकेश अनिल मडावी पर नागपुर में, रोशन का मौसेरा भाई चंद्रपुर जिले के बेसगांव निवासी बंटी उंदिरवाडे पर चंद्रपुर में और रोशन के भाई पर दिल्ली में उपचार शुरू होकर तीनों की हालत खतरे से बाहर होने की जानकारी मिली है. 

रोशन व संघमित्रा यह दोनों डाक विभाग में कार्यरत

रोशन और संघमित्रा यह देानों अहेरी डाक विभाग में कार्यरत थे. इस दौरान उन्होंने प्रेमविवाह किया. लेकिन संघमित्रा के परिजनों को यह विवाह मंजूर नहीं था. और इनके विवाह के बाद संघमित्रा के पिता ने आत्महत्या की.पिता के मृत्यु के बाद संघमित्रा मायके गयी थी. रोशन द्वारा अनेक बार समझाने के बाद भी वह वापिस नहीं लौटी.इसके बाद कुछ दिन संघमित्रा गायब थी. इस दौरान वह परभणी निवासी अपनी सहेली के पास गयी संघमित्रा को रोशन घर ले आया. इस कालावधि में सांस-ससुर मसेत रोशन का संघमित्रा के साथ विवाद हुआ था. 

हत्याकांड के लिये गुगल व युट्युब की सहायता

संघमित्रा ने सांस-ससूर को मारने के लिये गुगल और युट्युब की सहायता लेने की जानकारी मिली है.  इंटरनेटवर पर सर्च  कर बगैर रंग से धिरे-धिरे शरीर में प्रवेश करनेवाला घातक द्रव्य बाहर राज्य से ऑनलाईन मांगने की जानकारी जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल ने दी है.

संपत्ती के लिये मामी ने दी संघमित्रा को साथ

संघमित्रा ने सांस-ससरू को जान से मारने के लिये योजना बनाई.इस योजना में रोशन कुंभारे की मामी रोजा प्रमोद रामटेके ने उसे साथ दिया. रोजा रामटेके  का  कुंभारे परिवार के साथ संपत्ती को लेकर विवाद शुरू था. जिससे संघमित्रा के इस षडयंत्र में रोशन की मामी रोजा ने साथ ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया.

आरोपी महिलाओं में नहीं दिखे लक्षण ने बढाया संदेह 

अहेरी के उपविभागीय  पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड के मार्गदर्शन में पुलिस  निरीक्षक मनोज कालबांधे इन घटनाओं पर बारिकी से नजर रखे हुए थे. शुरूआत में आकस्मिक मृत्यू दर्ज करते हुए विस्तृत जांच शुरू की गई. घर की तलाशी लेने पर अनेक संदेहास्पद सामग्री जब्त किये गये थे. मृतकों के पोस्टमार्टम के अंत में जहर के अंश दिखाई दिये.लेकिन संघमित्रा व मामी रोजा रामटेके में किसी भी तरह के लक्षण नहीं पाए जाने से पुलिस का संदेह बढा. विस्तृत जांच करने पर हत्यासत्र में दोनों का समावेश होने की बात सामने आयी. बता दे कि संघमित्रा यह कृषी क्षेत्र की छात्रा होने से  उसने स्लो पॉयजन का विकल्प निकालकर मामी को साथ लेकर बडे ही हुशियारी से घटनाओं का अंजाम दिया. 

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