Gadchiroli Contractors Association: राज्य के आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत चलाए जाने वाले विभिन्न निर्माणकार्य के करीब 10 हजार करोड़ रूपयों का बकाया अब तक अदा नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र राज्य गवर्नमेंट कॉन्ट्रक्टर्स फेडरेशन व गड़चिरोली जिला ठेकेदार एसोसिएशन ने 10 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में बेमियादी अनशन करने की चेतावनी दी है। इस संदर्भ में गड़चिरोली जिला ठेकेदार एसोसिएशन ने जिलाधीश के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भिजवाया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय तुम्मावार ने कहा कि आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से राज्य में बडे पैमाने पर सरकारी इमारत, स्कूल, छात्रावास और अन्य विकासकार्य पूर्ण किये गये है। लेकिन अनेक माह से ठेकेदार के बील प्रलंबित होने से ठेकेदारों के सामने वित्तीय संकट निर्माण हो गया है। गडचिरोली जिले के करीब 500 करोड रूपयों का बील अब तक प्रलंबित होने का दावा किया गया है। सरकार को भिजवाए गए ज्ञापन में कहां गया कि, 2024-25 इस वित्तीय वर्ष अंत तक पूर्ण हुए विकासकार्यो के बील अब तक नहीं मिले है।
सरकार ने केवल अल्प निधी वितरित कर करीब 10 हजार करोड रूपयों के बिल प्रलंबित है। जिससे ठेकेदारों पर बैंक का कर्ज, निजी साहुकारों का कर्ज, जीएसटी व अन्य वित्तीय व्यवहार का बोझ बढ रहा है। बिल समय पर नहीं मिलने के कारण ठेकेदार वित्तीय संकट में पड गये है। वहीं कुछ ठेकेदारों को अपनी संपत्ती गिरवी रखने की नौबत आन पडी है। जिससे तत्काल बकाया बिल अदा करें, अन्यथा 10 अगस्त से मुंबई के आजाद मैछ में राज्यव्यापी बेमियादी अनशन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी दी गई।
वहीं इस आंदोलन में राज्य के हजारों ठेकेदार शामिल होंगे, ऐसी जानकारी भी दी गई। बैठक में राहुल निलावार, राजेश सोरते, लंकेश सेलोटे, नवनाथ उके, रोशन आखाडे, संदिप भुरसे, स्वप्नील खन्ने, प्रविण देशमुख, शुभम येनप्रेडीवार, लुकेश मानापुरे, मनिष कुथे, रितेश गडपल्लीवार, बरकत पठाण, अभिजित अंडलवार, मनोज पवार, मंगेश देशमुख, संजय कुनघाडकर,उमेश कुनघाडकर आदि ठेकेदार उपस्थित थे।