प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
गढचिरोली

किसानों की दिवाली अंधेरे में! गड़चिरोली के 3782 वनपट्टाधारकों को नहीं मिला बोनस, आंदोलन की चेतावनी

Gadchiroli News: खरीफ 2024-25 में सरकारी केंद्रों पर धान बेचने वाले 3,782 किसानों को अब तक बोनस नहीं मिला। 80% किसानों को भुगतान हो चुका, बाकी किसान दिवाली से पहले आंदोलन की तैयारी में है।

आकाश मसने

Gadchiroli Farmers News: खरीफ सत्र 2024-25 में किसानों ने परिसर के सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान की बिक्री की। अब इस मामले को पांच माह से अधिक की अवधि बीत गई है। करीब 80 फीसदी किसानों को धान की कीमत समेत बोनस की रकम अदा की गई है।

इसी खरीफ सत्र में सरकारी धान खरीदी केंद्र व आदिवासी खरीदी बिक्री केंद्र पर धान बिक्री करने वाले वन पट्टेधारक व अन्य किसानों के करीब 3 हजार 782 किसानों को अब तक बोनस नहीं दिये जाने से उक्त किसानों की दिवाली अंधेरे में जाने की गंभीर संभावना के मद्देनजर किसान आंदोलन करने की तैयारी में है।

दि महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के धान खरीदी केंद्र पर समर्थन मूल्य खरीदी योजना खरीफ सत्र 2024-25 में सरकार निर्णय 25 मार्च 2025 अनुसार धान उत्पादक किसानों को दो हेक्टेयर के मर्यादा में प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस देने का निर्णय लिया गया है।

इसके अनुसार मार्केटिंग फेडरेशन कार्यालय द्वारा कुल 44 हजार 664 धान उत्पादन किसानों ने बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन की। लेकिन कुछ कारणों के चलते बीमा पोर्टल से 450 किसानों को अपात्र किया गया। बोनस पात्र कुल किसानों की संख्या 44 हजार 214 होकर उनकी कुल बोनस रकम 105 करोड़ 66 लाख 98 हजार 292 रुपये थी।

44 हजार किसानों को मिला बोनस

प्रत्यक्ष में प्रोत्साहन पर राशि (बोनस) रकम 99 करोड़ 66 लाख 98 हजार 292 इतनी रकम संबंधित कार्यालय को दिये जाने से बोनस पात्र 44 हजार 432 किसानों को 96 करोड़ 52 हजार 884 रुपये 29 सितंबर 2025 के अंत तक किसानों के खाते में जमा किये गये।

शेष 5 करोड़ 99 लाख 99 हजार 908 इतनी रकम अब तक संबंधित कार्यायय को प्राप्त नहीं होने से शेष किसान बोसन से वंचित है। उक्त कार्यालय अंतर्गत पंजीकृत कुल किसानों में से बोनस पात्र 44 हजार 214 किसानों की सूची बीमा पोर्टल पर अपडेट कर इनमें से 40 हजार 432 किसानों के खाते में बोनस की रकम जमा की गई है।

3 हजार 782 किसानों को सरकार के बीमा पोर्टल पर ब्लैक लिस्ट में डाले जाने से उक्त किसानों का संस्था स्तर से वेरिफिकेशन किया गया है। जिसके अनुसार 3 हजार 782 किसानों का वेरिफिकेशन होकर 12 खरीदी केंद्रों ने ब्लैक लिस्ट वाले किसानों की जानकारी संबंधित कार्यालय में जाम करने की जानकारी है।

कई बार करवाया संबंधित विभाग का ध्यानाकर्षण

सरकारी नियम अनुसार पंजीयन कर सरकारी धान खरीदी केंद्र में धान की बिक्री करने के बाद भी किसानों को बोनस नहीं मिलने से किसानों में निराशा छा गयी है। वहीं किसानों की दिवाली अंधेरे में जाने की संभावना है। इस संदर्भ में किसानों द्वारा संबंधित विभाग का ध्यानाकर्षण कराए जाने के बाद भी अब तक बोनस नहीं मिलने से संबंधित किसान आंदोलन की तैयारी में होने की जानकारी मिली है।

बोनस की प्रतीक्षा

बोनस की रकम 5 करोड़ 58 लाख 30 हजार 26 थी। लेकिन संबंधित कार्यालय के पास 3 करोड़ 66 लाख 45 हजार 408 बोनस की रकम शेष है। जिसके कारण सभी किसानों को बोनस देने में दिक्कत आ रही है। करीब 5 माह की अवधि बीत जाने के बाद भी शेष रकम उपलब्ध नहीं कराए जाने से 3 हजार 782 किसानों को अब भी बोनस की प्रतीक्षा है।

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