मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्सः सोशल मीडिया)
गड़चिरोली

गड़चिरोली पोलाद प्रकल्प पर किसानों का बड़ा फैसला, CM फडणवीस ने दिया जमीन अधिग्रहण नहीं करने का आश्वासन

Devendra Fadnavis Farmers Meeting: गड़चिरोली के प्रस्तावित MIDC पोलाद प्रकल्प के भूमि अधिग्रहण का किसानों ने विरोध किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से चर्चा कर प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • किसानों की इच्छा और सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

  • चामोर्शी तहसील के भेंडाला क्षेत्र के करीब 14 और येणापुर-जयराम क्षेत्र के 13 गांवों के किसान आंदोलन कर रहे थे।

  • नागपुर स्थित रामगिरी निवास पर किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दो चरणों में चर्चा हुई।

Gadchiroli Land Acquisition: प्रस्तावित पोलाद प्रकल्प के लिए भूसंपादन के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से शुरू आंदोलन के मद्देनजर गुरुवार को नागपुर स्थित रामगिरी नामक मुख्यमंत्री के निवासस्थान में किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दो चरण में बैठक संपन्न हुई।

कानूनन जमीन संपादन करने का अधिकार सरकार को होने के बाद भी सरकार ऐसा नहीं करेगी और किसानों के इच्छा विरूध्द जमीन संपादन नहीं की जाएगी। वहीं बाधित किसानों को विश्वास में लेकर और उनकी अनुमति से आगामी प्रक्रिया चलाई जाएगी। ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में दिया।

विरोध में आंदोलन शुरू

प्रस्तावित एमआईडीसी पोलाद प्रकल्प के लिये भुसंपादन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी कि, किसानों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। चामोर्शी तहसील के भेंडाला परिसर के करीब 14 गांव और येणापुर-जयराम परिसर के 13 गांवों के किसानों ने इस प्रक्रिया के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया। जमीन, खेती और उपजिविका के मुद्दे से शुरू हुए इस आंदोलन से औद्योगिक विकास के प्रस्ताव के सामने स्थानीय नागरिकों के अनुमति का प्रश्न निर्माण हो गया था।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की भेट

इसी बीच किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भेट लेकर अपनी भूमिका रखी। जहां मुख्यमंत्री ने प्रकल्प और स्थानीय प्रकल्पबाधित किसानों के बीच संषधं की स्थिति निर्माण न हो, इसलिए संवाद से हल निकालने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। बैठक में सहपालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदिप पाटिल, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, पुलिस अधिक्षक एम. रमेश समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विधायक डॉ. नरोटे की भूमिका रही महत्वपूर्ण

आंदोलन के दौरान विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने आंदोलनस्थल पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की थी। उनके प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी की मध्यस्थता निर्णायक साबित हुई। विधायक ने आंदोलनकर्ता किसानों के साथ उनकी समस्या को लेकर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साथ बैठक आयोजित कराने का आश्वासन दिया था। जिसके नुसार सोमवार को नागपुर में मुख्यमंत्री और किसानों के शिष्टमंडल के साथ बैठक संपन्न हुई।

आष्टी में चक्काजाम

एमआईडीसी के लिए जमीन संपादन प्रक्रिया का विरोध करते हुए करीब 13 गांवों के किसानों ने चामोर्शी तहसील के आष्टी गांव में करीब दो दिनों तक चक्काजाम आंदोलन किया था। जिसके कारण नॅशनल हाईवे की यातायात पुरी तरह प्रभावित हो गयी थी।

इस आंदोलन का मुख्यमंत्री फडणवीस ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए विशेष कार्याधिकारी अनिरूध्द पालकर को रात के समय आंदोलनस्थल पर भिजवाया था। जहां उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ चर्चा कर सफल मध्यस्थता की। जिसके बाद आंदोलनकर्ताओं ने अपना अनशन समाप्त किया।

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