Gadchiroli Development Projects: गड़चिरोली जिले में सड़कों तथा पुलों का निर्माण उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित तथा लंबे समय तक टिकाऊ होना चाहिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटिया अथवा दोषपूर्ण कार्य पाए जाने पर जांच कर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, यह स्पष्ट चेतावनी राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोंसले ने दी।
उन्होंने जिले के सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर आवश्यक मरम्मत तथा पुनर्निर्माण के कार्यों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। जिले में पुलों का बैकलॉग दूर करने के लिए स्वतंत्र 'विशेष पैकेज' देने की मांग राज्यमंत्री तथा सह-पालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल ने की। इस मांग का संज्ञान लेते हुए मंत्री भोंसले ने कहा कि कोंकण की तर्ज पर गड़चिरोली जिले में आवश्यक छोटे-बड़े पुलों का व्यापक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष स्वतंत्र विशेष निधि पैकेज की मांग की जाएगी।
लोकनिर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोंसले ने गुरूवार को गड़चिरोली जिले के दौरे के दौरान सुबह अडपल्ली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय के 'यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (युआईटी) परिसर का दौरा कर विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में गोंडवाना विश्वविद्यालय के विकास कार्यों, माइनिंग कॉरिडोर तथा एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के अंतर्गत प्रस्तावित तथा जारी विभिन्न सड़क व पुल निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर वे बोल रहे थे। बैठक में राज्यमंत्री तथा सह-पालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल, सांसद डॉ. नामदेव किरसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोंडवाना विवि के कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे, प्रति-कुलपति डॉ. श्रीराम कावले, लोकनिर्माण विभाग नागपुर मंडल की अधीक्षक अभियंता नीता ठाकरे, गड़चिरोली मंडल की अधीक्षक अभियंता सोनाली चव्हाण, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यकारी अभियंता प्रफुल्ल केलकर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के अंतर्गत गड़चिरोली जिले में कुल 277.60 किलोमीटर लंबाई की 6 महत्वपूर्ण सड़कों के लिए लगभग 2,752 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत प्रकल्प रिपोर्ट (डीपीआर) बैठक में प्रस्तुत की गई। मंत्री भोंसले ने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय केवल कार्यालय स्तर पर नियोजन न किया जाए, बल्कि वास्तविक क्षेत्रीय परिस्थितिया तथा भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए।
बैठक में सह-पालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे तथा विधायक रामदास मसराम ने जिले की विभिन्न सड़कों और पुलों से संबंधित समस्याओं की ओर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। वडसा आरमोरी-कोहमारा सड़क, नाईकल खोबरमेढा पुल, कुंभी-चांदाला पुल, मंगेवाड़ा आश्रमशाला के सामने नाले पर पुल तथा बारिश के कारण क्षतिग्रस्त और धंसी सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की गई।
इन मांगों की तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्यों को आगामी नियोजन में शामिल किया जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर निधि उपलब्धता के अनुसार कार्रवाई की जाए, ऐसे निर्देश मंत्री भोंसले ने संबंधित अधिकारियों को दिए। गडचिरोली जिले में औद्योगिकीकरण की गति बढ़ रही है और आगामी समय में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।