Gadchiroli Remote Areas Development: गडचिरोली जिले के नक्सल प्रभावित, दुर्गम एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी शासकीय विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। सड़क, पुल, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, यह निर्देश जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित विशेष समीक्षा बैठक में वह अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, जिला पुलिस अधीक्षक एम। रमेश, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उप अधीक्षक सुमित वर्मा, उपवनसंरक्षक आर्या, लोक निर्माण विभाग की अधीक्षक अभियंता सोनाली चव्हाण समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
बैठक में जिले की परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। होड्री, लष्कर और गोपणार क्षेत्र में लंबित छह महत्वपूर्ण सड़कों के कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश सार्वजनिक निर्माण विभाग को दिए गए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130-डी के लाहेरी-बिनागुंडा-नारायणपुर मिसिंग लिंक के कार्य में तेजी लाने को कहा गया। गुंडेनूर नाले पर निर्माणाधीन पुल का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
अतिदुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए बिनागुंडा तथा भामरागड़ के आसपास लंबित मोबाइल टावरों का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए वन विभाग और पुलिस प्रशासन को आवश्यक पहुंच मार्गों के कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।
जिले के नेटवर्क से वंचित 44 गांवों में दूरसंचार सेवाएं पहुंचाने के लिए नियमित रूप से मासिक समीक्षा एवं अनुवर्तन करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिन गांवों में अभी तक बस सेवा नहीं पहुंची है, वहां तत्काल एसटी बस सेवाएं शुरू करने के लिए चालक एवं परिचालकों की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश राज्य परिवहन महामंडल को दिए गए।
दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए खनिज निधि से अस्थायी स्वास्थ्य उपकेंद्र शुरू करने तथा आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान चलाया जाएगा।
जिला परिषद की शालाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने, जर्जर कक्षाओं की मरम्मत करने तथा कम से कम 20 विद्यार्थी वाले स्थानों पर बंद शालाओं को पुनः शुरू करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सल प्रभावित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्हें आवास, जाति प्रमाणपत्र, राशन कार्ड सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के निर्देश जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा को दिए गए।
इसके अलावा तेंदूपत्ता एवं बांस की नीलामी से संबंधित सभी लेन-देन शत-प्रतिशत नकद रहित (कैशलेस) तरीके से करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।