Trigger 1 Gadchiroli: खरीफ सीजन 2026 में बारिश की कमी एवं अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के आधार पर राज्य सरकार ने प्रदेश के 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। इसमें गड़चिरोली जिले की गड़चिरोली एवं चामोर्शी तहसील का भी समावेश है। राहत एवं पुनर्वास विभाग के 25 सितंबर 2026 के सरकार निर्णय के अनुसार इन दोनों तहसीलों में 'ट्रिगर-1' (प्रथम संकेत) लागू किया गया है। इसके तहत सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 12 रियायतें एवं विभिन्न उपाय लागू किए गए हैं।
सरकार के इस निर्णय के मद्देनजर जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दोनों तहसीलों में फसल की स्थिति का तत्काल पंचनामा शुरू करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं। कृषि के आयुक्त निर्देशानुसार सर्वेक्षण किए गए क्षेत्रों में फसलों की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाले फोटो एवं GPS लोकेशन दर्ज की जाए। फसल स्थिति की जानकारी निर्धारित 'प्रपत्र क' में भरकर रिपोर्ट का डिजिटल संकलन किया जाए तथा इसे विभागीय आयुक्त के माध्यम से कृषि आयुक्तालय को जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार निर्णय के अनुसार सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जमीन के राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन तथा कृषि से संबंधित ऋणों की वसूली पर स्थगन लागू किया गया है। स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में भी छूट दी जाएगी। साढ़े सात अश्वशक्ति तक के कृषि पंपों के बिजली बिल पहले ही माफ किए जा चुके हैं।
इससे अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में भी निर्धारित छूट लागू की जाएगी। इसके अलावा रोजगार गारंटी योजना के कार्यों के मानदंडों में शिथिलता लाकर अधिक से अधिक काम शुरू करने, आवश्यकता वाले क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने तथा सूखा प्रभावित घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति नहीं काटने जैसे उपाय भी लागू किए गए।
खेती पर निर्भर किसानों एवं मजदूरों को खाद्यान्न की कमी न हो तथा पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। जल संरक्षण के कार्य हाथ में लेकर पेयजल एवं पशुओं के लिए आवश्यक पानी की उपलब्धता का भी नियोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने राजस्व, कृषि एवं संबंधित विभागों को फसल पंचनामा और सर्वेक्षण का काम आपसी समन्वय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही पेयजल, चारा एवं रोजगार की स्थानीय आवश्यकताओं पर लगातार नजर रखते हुए लागू रियायतों एवं उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा है। शेत फसलों के नुकसान के संबंध में दी जाने वाली आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग शासन निर्णय के माध्यम से घोषित की जाएगी, यह जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है।