Gadchiroli Airport Farmer Land Acquisition Protest: गड़चिरोली में प्रस्तावित विमानतल के लिए भूमि अधिग्रहण का गुरवला, राखी, हिरापुर और शिरपुर चक क्षेत्र के किसानों ने विरोध किया है। किसान संघर्ष कृति समिति ने 2 अक्टूबर 2026 से गुरवला के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है।
गड़चिरोली में प्रस्तावित विमानतल के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में गुरवला, राखी, हिरापुर और शिरपुर चक क्षेत्र के किसानों ने आंदोलन का निर्णय लिया है। किसान संघर्ष कृति समिति के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 से गुरवला स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक परिसर के मैदान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में किसानों ने आंदोलन की जानकारी दी। इस दौरान अनिल कोठारे, दिवाकर निसार, परीक्षित बांबोले, हरी महावी, विकास जेंगळे, तात्या चिचधरे और रविंद्र बोदलकर सहित किसान मौजूद थे।
किसानों ने इस संबंध में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा है। समिति की ओर से 25 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि विमानतल के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी सरकारी आदेश रद्द होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
किसानों का कहना है कि 8 मई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया गया था। उस समय 15 दिनों में आदेश रद्द नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद किसानों ने 4 जून से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था।
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध विमानतल के विकास से नहीं, बल्कि कृषि भूमि के अधिग्रहण से है। किसानों के अनुसार, खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। इसलिए विमानतल के लिए कृषि भूमि लेने के बजाय किसी वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाना चाहिए।
किसानों ने कहा कि जमीन उनके परिवारों की आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक अस्तित्व का आधार है। ऐसे में कृषि भूमि का अधिग्रहण होने पर परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा। समिति ने कहा कि किसान अपनी कृषि भूमि अधिग्रहण के लिए देने को तैयार नहीं हैं।
किसानों के अनुसार, प्रशासन की ओर से विमानतल निर्माण से संबंधित कार्य स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद 2 जुलाई और 11 अगस्त 2026 को ई-टेंडर जारी किए गए। समिति ने इसे लेकर भ्रम की स्थिति का आरोप लगाया है और कहा कि एक ओर कार्य स्थगित करने की बात कही गई, जबकि दूसरी ओर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
किसान संघर्ष कृति समिति ने स्पष्ट किया है कि सरकारी आदेश रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा और 2 अक्टूबर से शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।