Gadchiroli Schools Infrastructure Development: राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने गुरुवार को गड़चिरौली जिले का दौरा किया। वहां उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी ढांचे और छात्रों की सुरक्षा के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने देंगे।
'चलो स्कूल चले' अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मेधावी छात्रों और उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों का विकास करना बेहद आवश्यक है।
शिक्षा मंत्री भुसे ने रामनगर, गोगांव और बोदली स्थित जिला परिषद एवं नगर परिषद स्कूलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। बोदली के आदर्श विद्यालय में उन्होंने डिजिटल क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का जायजा लिया तथा बिगड़े हैुए पैनलों को तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली।
समारोह में इसरो शैक्षणिक दौरे के लिए सन्ना शकील पठान और इंस्पायर अवॉर्ड विजेता ध्रुव विनोद कोवे को सम्मानित किया गया। राज्य विज्ञान मेले, खेलकूद, एनएमएमएस और नवोदय छात्रवृत्ति परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का भी गौरव बढ़ाया गया।
इसके अलावा गड़चिरौली जिले के नवाचारी शिक्षक दिलीप नाकाडे और प्रवीण दोर्लीकर को आदर्श शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया।
जर्जर भवनों पर कार्रवाई: छात्रों की सुरक्षा के लिए जर्जर और खतरनाक स्कूल इमारतों को तुरंत गिराकर नए निर्माण के प्रस्ताव भेजने के निर्देश जिला प्रशासन को मिले।
मूलभूत सुविधाएं: शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके तहत स्कूलों में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ और पर्याप्त शौचालय, जरूरत के अनुसार कक्षाएं, खेल का मैदान, ई-लैब और पुस्तकालय उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक काम पूरे किए जाएं।
पारदर्शी शिक्षक भर्ती: पवित्र पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा, जिससे शिक्षकों की कमी दूर होगी।