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आरमोरी के सर्वे क्रमांक 1242 की जमीन पर कथित कब्जे और प्लॉट बनाकर बेचने का मामला सामने आया है।
माकपा, आजाद समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
Armori Protest: गड़चिरोली जिले के आरमोरी शहर में सरकारी राजस्व भूमि पर अतिक्रमण और तत्कालीन पटवारी कार्यालय को अवैध रूप से गिराए जाने के मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
सर्वे क्रमांक 1242 की जमीन की आधिकारिक गिनती कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, आजाद समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के सामने तहसीलदार के खिलाफ चक्काजाम आंदोलन किया। करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर आंदोलनकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
आरमोरी की सामाजिक कार्यकर्ता प्रज्ञा निमगडे तथा चेतन निमगडे ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में 12 अक्टूबर से अनशन शुरू किया है। उनका दावा है कि सर्वे क्रमांक 1242 की जमीन सरकारी राजस्व विभाग के अधीन है। आरोप है कि कुछ भूमाफियाओं ने इस जमीन पर कब्जा कर प्लॉट निर्माण किए और उनकी बिक्री भी कर दी। इस पूरे मामले में नगर परिषद और लेआउट धारकों के बीच मिलीभगत होने का आरोप भी लगाया गया है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, संबंधित जमीन राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण तहसीलदार को शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जमीन की आधिकारिक माप, राजस्व अभिलेखों की जांच और दोषी पाए जानेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी। हालांकि, बार-बार मांग किए जाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाया गया है। आंदोलन के दौरान माकपा नेते अमोल मारकवार ने तहसीलदार की भूमिका पर सवाल उठाए।
आंदोलन में माकपा के अमोल मारकवार, आम आदमी पार्टी के नासिर हाश्मी, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज बन्सोड, धर्मानंद मेश्राम, विवेक खोब्रागड़े, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुनील नंदनवार, बी.टी. सेलोकर समेत प्रज्ञा निमगडे, चेतन निमगडे, कुमता मेश्राम, लता बारसागड़े, राधा हुमणे, ऋषि सहारे, नागसेन खोब्रागड़े, शैलेश रामटेके, टारजन निमगडे, प्रकाश बन्सोड, प्रतीक डांगे, सुरेंद्र वासनिक, विजय देवतले, पियुष वाकडे, सतीश दुर्गमवार समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।