शेयरों में कथित हेरफेर के मामले में ईडी की 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी।
व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए भ्रामक टिप्स देने का आरोप।
शेयरों में करीब 70% गिरावट से 1 लाख से अधिक छोटे निवेशकों को नुकसान।
Mumbai ED Stock Manipulation Raids: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल कार्यालय ने कथित शेयर बाजार हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
16 अक्टूबर को मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में कुल 29 ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई मेसर्स आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम लिमिटेड और मेसर्स आर एंड बी डेनिम लिमिटेड के शेयरों में कथित हेरफेर की जांच के तहत की गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) जांच के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए थे।
आरोप है कि इसके लिए धन का बड़ा हिस्सा आपस में जुड़ी फर्मों और कर्जदाताओं के एक सीमित समूह से आया था। इसके बाद शेयरों की कीमत कृत्रिम रूप से बढ़ाए जाने और शेयरों का स्वामित्व चुनिंदा लोगों तक सीमित रहने की आशंका जताई गई है।
जांच में दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच कथित तौर पर ‘मल्टीबैगर स्टॉक्स’ जैसे नाम वाले WhatsApp ग्रुप और कम्युनिटी के जरिए खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए टिप्स दिए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन संदेशों के माध्यम से निवेशकों को संबंधित कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया गया।
बताया गया है कि 25 फरवरी को WhatsApp ग्रुप अचानक डिलीट कर दिए गए। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमतों में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई।
इससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई है। गिरावट के दौरान कई निवेशकों को अपने शेयर बेचने में भी परेशानी हुई।
मुंबई शहर छापेमारी के दौरान ईडी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्ति के कागजात जब्त किए हैं।
एजेंसी मामले में धन के स्रोत, शेयरों के लेनदेन और कथित हेरफेर से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।