महाराष्ट्र में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां 26 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी।
समय-सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अंतिम वोटर लिस्ट 16 नवंबर 2026 को ही जारी होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने पात्र नागरिकों से इस विस्तारित अवधि का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
Maharashtra Draft Voter List Claim Objection Deadline Extended: देशभर में SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी राजनीतिक घमासान और विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) ने नागरिकों को राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के संबंध में दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है।
महाराष्ट्र में यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित किए जा रहे विशेष संशोधन कार्यक्रम के तहत 31 अगस्त 2026 को सार्वजनिक की गई थी।
चुनाव आयोग के इस ताजा फैसले के बाद अब महाराष्ट्र के नागरिक अपने मताधिकार को सुनिश्चित करने, नई मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, प्रविष्टियों में सुधार करने या किसी गलत नाम पर आपत्ति जताने के लिए 26 अक्टूबर 2026 तक अपने आवेदन दाखिल कर सकते हैं।
भारत के चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियां 26 अक्टूबर, 2026 तक जमा की जा सकती हैं। इसके अलावा, नोटिस का चरण और दावों व आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 10 नवंबर, 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद अंतिम वोटर लिस्ट 16 नवंबर, 2026 को जारी की जाएगी।
यह समय-सीमा बढ़ाना वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने, जानकारी में सुधार करने और जहां जरूरी हो वहां आपत्तियां दाखिल करने जैसी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पात्र नागरिकों से इस बढ़ी हुई अवधि का लाभ उठाने और तय समय-सीमा के भीतर अपने दावे और आपत्तियां जमा करने का आग्रह किया है।
बता दें कि देशभर में SIR की प्रक्रिया में मतदाओं के नाम काटे जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी पार्टियां SIR में गड़बड़ी आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि मतदाताओं के नाम काटकर चुनाव आयोग सत्ता की मदद कर रहा है।
SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर महाराष्ट्र समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मुंबई में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) व राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) पिछले तीन दिन से लगातार प्रदर्शन कर रही है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है।