

आदित्य, अमित और तेजस ठाकरे समेत 25 प्रमुख नेताओं पर मामला दर्ज।
शिवसेना यूबीटी ने मौन आंदोलन और मनसे ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
एसआईआर रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग।
Thackeray Brothers Shivaji Park Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को भी दादर का ऐतिहासिक शिवाजी पार्क इलाका विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना रहा। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बार फिर ठाकरे बंधु सड़क पर उतरे और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ शिवाजी पार्क मैदान में जोरदार आंदोलन किया। इस दौरान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने जहां मौन आंदोलन का रास्ता चुना, वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे शिवाजी पार्क मैदान पहुंचे और हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें अमित ठाकरे, आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे ने भी भाग लिया।
बीते रविवार को दादर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, मनसे नेता अमित ठाकरे और तेजस ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। शिवसैनिकों ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने मौन धारण कर विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलन के दौरान आदित्य ठाकरे ने फिर दोहराया कि सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। हम शांत नहीं बैठेंगे। यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। SIR रद्द किया जाना चाहिए और ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के खिलाफ बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने पर आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे, तेजस ठाकरे, महात्मा गांधी के परपोते तुधार गांधी, संदीप देशपांडे, वरुण सरदेसाई और महेश सावंत जैसे दिग्गज नेताओं समेत 25 प्रमुख नेताओं पर मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान करने में जुटी हुई है। मुंबई पुलिस के अनुसार फुटेज के आधार पर कानून व्यवस्था तोड़ने वाले अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि रविवार को तीनों ठाकरे बंधुओं ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), शिवसेना (यूबीटी) और मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में शिवसेना भवन के सामने व शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया था। इससे तनाव की स्थिति निर्माण हो गई थी।