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धुले जिले के 70 गांवों में जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के तहत 1,313 कामों की योजना बनाई गई।
इनमें से 1,303 काम पूरे और 10 काम प्रगतिरत बताए गए हैं।
जलयुक्त शिवार के कार्यों पर अब तक करीब 22.33 करोड़ खर्च किए गए।
गादमुक्त बांध-गादयुक्त खेत योजना के तहत 57 कामों से 4,04,070 घनमीटर गाद निकालने का लक्ष्य।
PM कृषि सिंचाई योजना के तहत 162 गांवों और 1,42,781 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए प्रारंभिक नियोजन।
Jalyukt Shivar Abhiyan 2.0: धुले जिले में सूखे से निपटने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिणाम जमीन पर दिखाई देने चाहिए। बारिश की हर बूंद को सहेजने, जलस्रोतों की भंडारण क्षमता बढ़ाने और किसानों को सूखे से स्थायी राहत दिलाने के लिए जलसंधारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।
यह निर्देश कलेक्टर भाग्यश्री विसपुते ने दिए। कलेक्टर कार्यालय के सातपुड़ा सभागार में गुरुवार को जलयुक्त शिवार अभियान 2.0, गादमुक्त बांध-गादयुक्त खेत योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलग्रहण विकास कार्यों की संयुक्त समीक्षा की गई।
बैठक में योजनाओं की प्रगति, उपलब्ध निधि, लंबित कार्यों और आगामी नियोजन पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और जलसंधारण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के तहत जिले के 70 गांवों में कुल 1,313 कामों की योजना बनाई गई थी। इनमें से 1,303 काम पूरे हो चुके हैं, जबकि 10 काम प्रगतिरत है। इन कार्यों पर अब तक करीब 22.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए है।
योजना में धुले जिला और शिरपुर तहसील के 17-17, शिंदखेड़ा के 19 तथा साक्री के 17 गांव शामिल हैं। कलेक्टर विसपुते ने कहा कि जलसंधारण कार्यों की सफलता केवल उनकी संख्या से नहीं, बल्कि जलसंचय, भूजल पुनर्भरण और किसानों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार, निवासी उपजिलाधिकारी शरद पवार, उपजिलाधिकारी (रोजगार गारंटी योजना) बालाजी क्षीरसागर, मृद एवं जलसंधारण विभाग के कार्यकारी अभियंता सचिन शिंदे, उपअभियंता जितेंद्र पाटील सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जलसंधारण कार्यों का प्रभाव गांवों में पानी की उपलब्धता और खेती की स्थिति में दिखाई देना चाहिए। इसके लिए समयबद्ध क्रियान्वयन, निधि का प्रभावी उध्योग, गुणवत्ता की निगरानी और किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलग्रहण विकास घटक 3.0 के तहत जिले के 162 गांवों को सात समूहों में शामिल कर प्रारंभिक नियोजन किया गया है। इनमें धुलिया के 65, साक्री के 50, शिंदखेड़ा के 16 और शिरपुर के 31 गांव शामिल है।
कुल 1,42,781 हेक्टेयर क्षेत्र को ध्यान में रखकर जल एवं मृदसंधारण, नाला उपचार, बंधारे, खेत तालाब और भूजल पुनर्भरण जैसे कार्यों की योजना बनाई जा रही है। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का बेहतर उपयोग करना, मिट्टी का कटाव कम करना और कृषि के लिए जल उपलब्धता में सुधार करना है।
गादमुक्त बांध-गादयुक्त खेत योजना के तहत वर्ष 2026-27 में जिले में 57 कामों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इनके माध्यम से 4,04,070 घनमीटर गाद निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 2.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 13 काम पूरे हो चुके हैं और एक काम प्रगतिरत है। अब तक 1,30,272 घनमीटर गाद निकाली जा चुकी है। बांधों और तालाबों से निकाली गई गाद खेतों में डालने से जलस्रोतों की भंडारण क्षमता बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने में मदद मिल सकती है।