Omraje Nimbalkar Viral Audio Clip: महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) को लगे बड़े झटकों के बीच अब धराशिव जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए स्थानीय सांसद ओमराजे निंबालकर की एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
इस वायरल ऑडियो में ओमराजे निंबालकर पार्टी बदलने के बाद क्षेत्र के ही एक राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं। इस बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद धराशिव सहित पूरे महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया पर सांसद को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।
वायरल हो रही इस कथित ऑडियो क्लिप में एक स्थानीय कार्यकर्ता सांसद ओमराजे निंबालकर को फोन पर क्षेत्र के लोगों की नाराजगी से अवगत करा रहा है। कार्यकर्ता कहता है, "साहब, मुझे दूसरे जिले से हमारे परिचितों का फोन आया था। वे मुझसे पूछ रहे थे कि तुमने अपने क्षेत्र से किसी सांसद को चुना है या किसी लाइनमैन को? जनता आपके पाला बदलने से बहुत नाराज है।"
इस तीखे सवाल पर सांसद ओमराजे निंबालकर अपना आपा खोते दिखे और उन्होंने जवाब में कहा, "मुझे लाइनमैन कहकर छोटा मत समझो या हल्के में लेने की गलती मत करो।" इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्ष को सांसद पर तंज कसने का नया मौका मिल गया है।
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कथित ऑडियो क्लिप में आगे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के ट्रांसफार्मर (DP) की किल्लत और नागरिकों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की समस्याओं पर भी बातचीत होती सुनाई दे रही है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की सत्यता या प्रामाणिकता की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन धराशिव की जनता के बीच यह चर्चा का मुख्य विषय बन चुकी है।
ठाकरे गुट से बगावत करने के बाद से ही ओमराजे निंबालकर को सोशल मीडिया पर वफादार शिवसैनिकों के कड़े विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, और जमीनी स्तर पर उनके समर्थकों की संख्या में भी गिरावट देखी जा रही है।
इससे पहले, ठाकरे समूह से बाहर निकलते समय अपनी सफाई में सांसद ओमराजे निंबालकर ने कहा था कि विपक्ष में रहने के कारण वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा था, "लोग मेरे पास बड़ी उम्मीदों के साथ अपने काम लेकर आते हैं, लेकिन सत्ता में न होने के कारण मैं उनकी कोई प्रशासनिक मदद नहीं कर पा रहा था।"
ओमराजे निंबालकर ने दावा किया कि उन्होंने केवल जनता के हितों और धराशिव के विकास के लिए ही एकनाथ शिंदे का हाथ थामा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बड़ी बगावत के इनाम के रूप में एकनाथ शिंदे महायुति सरकार की आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में ओमराजे निंबालकर को कोई बड़ी जिम्मेदारी या मंत्री पद सौंप सकते हैं।