मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडिया कॉन्फ्रेंस के जरिए लाडली बहन योजना की लाभार्थियों से की बात (सोर्स: एक्स@mieknathshinde) 
महाराष्ट्र

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'लाडली बहनों' से की बात, बाेले- राशि का उपयोग आत्मनिर्भर बनने में करें

15 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'लाडली बहन' योजना की लाभार्थी बहनों (महिलाओं) से वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए संवाद साधा। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि प्रदेश भर की बहनों के चेहरे पर खुशी देखकर वे संतुष्ट हैं, यह योजना सिर्फ चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि स्थायी योजना है।

आकाश मसने

मुंबई: महाराष्ट्र की महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन' (लाडली बहन) योजना से को महिलाओं से मिल रहे जबरदस्त प्रतिसाद से सत्तारूढ़ दल के हौसले बुलंद हैं। इसी बीच 15 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'लाडली बहन' योजना की लाभार्थी बहनों (महिलाओं) से वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए संवाद साधा।

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि प्रदेश भर की बहनों के चेहरे पर खुशी देखकर वे संतुष्ट हैं, यह योजना सिर्फ चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि स्थायी योजना है। इस पूरे आर्थिक वर्ष के लिए पैसों का प्रावधान हमने कर दिया है। उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से आत्मनिर्भर एवं लोगों को रोजगार देने वाली बनने की अपील भी की।

'लाडली बहन' योजना के तहत पात्र घोषित लाभार्थी महिलाओं के खाते में पैसे भेजने की शुरुआत हो चुकी है। इस बारे में सीएम शिंदे ने बताया कि पहले चरण में बुधवार को 33 लाख महिलाओं को 999 करोड़ रुपए बांटे गए। जबकि गुरुवार को आज 80 लाख महिलाओं के खाते में पैसे भेजे गए।

आत्मनिर्भर बनने कहा

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि उन्हें खुशी है कि 'लाडली बहन' योजना का पैसा 'बहनों' के बैंक खातों में जमा हो गया है। यह एक भाई की ओर से अपनी बहन को दी गई भेंट है। आपका भाई आज मुख्यमंत्री है। वह मजबूती से आपके पीछे खड़ा है। प्यारी बहनों की यह मदद सिर्फ उन्हीं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए भी एक अनमोल उपहार है। इस तरह आपको किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि आप इस पैसे का उपयोग अपने बच्चों की स्कूली सामग्री, दवाओं, अपने छोटे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए भी कर सकती हैं। महिलाएं घर संभालना अच्छे से जानती हैं। इसलिए सरकार ने इस योजना के जरिए उनके हाथों को मजबूत करने का काम किया है। इस योजना के जरिए आप कारोबार बढ़ाएंगी तो अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आप आत्मनिर्भर, रोजगार देनेवाली बनें।

मुख्यमंत्री 'सर' नहीं 'भाई' कहूंगी

इस दौरान एक महिला ने कहा कि अब मैं आपको मुख्यमंत्री सर नहीं बल्कि भाई कहूंगी। मुझे जो 3000 मिले उसकी कीमत 3 लाख के बराबर है। रक्षाबंधन से पहले मेरे खाते में पैसे आ गए। मैं अपने पति से घर के खर्च के लिए रोज-रोज पैसे नहीं मांगूंगी। मेरे खाते में पैसे उम्मीद से ज्यादा तेजी से जमा हुए।

विपक्ष पर बोला हमला

इससे पहले सीएम शिंदे ने विरोधी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं खासकर 'लाडली बहन' योजना को बाधित करने का काम पिछले कुछ दिनों से विपक्ष कर रहा है। हालांकि ये सब काम ठीक से चल रहा है। इसके बाद भी कुछ विरोधी इस योजना के कार्य में बाधा डाल रहे हैं। बेवजह आरोप लगा रहे हैं। ऐसे लोगों को चुनाव में सबक सिखाएं।

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