पानी की बर्बादी पर पहली बार 5 हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपये जुर्माना प्रस्तावित है।
तीसरी बार नियम तोड़ने पर 25 हजार रुपये तक दंड और मुकदमा दर्ज हो सकता है।
मनपा ने नागरिकों से नल खुला न छोड़ने और जरूरत के अनुसार ही पानी इस्तेमाल करने की अपील की है।
Water Uses Rule In Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर में पानी की बर्बादी करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महानगरपालिका ने पानी का अनावश्यक इस्तेमाल रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
इसके तहत पहली बार पानी बर्बाद करते पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार 10 हजार रुपये और तीसरी बार गलती दोहराने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। तीसरी बार नियम तोड़ने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि शहर में नल से पानी भरने के बाद अतिरिक्त पानी सड़क पर बहाने, वाहनों की धुलाई करने और बिना जरूरत नल खुला छोड़ने जैसी शिकायतें सामने आई हैं।
सीमित जलस्रोतों को देखते हुए प्रशासन ने इस तरह से पानी की बर्बादी को रोकने का निर्णय लिया है। पहले नागरिकों को जागरूक किया जाएगा, इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त के अनुसार, जायकवाड़ी बांध में फिलहाल लगभग 80% जलसंग्रहण है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह करीब 98% था।
शहर में नई जलापूर्ति योजना का काम जारी होने के कारण कुछ इलाकों में चार दिन और अन्य क्षेत्रों में छह से सात दिन के अंतराल पर पानी की सप्लाई हो रही है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से जरूरत के अनुसार ही पानी भरने और नल का इस्तेमाल होने के तुरंत बाद नल को बंद रखने की अपील की है।
पानी की बर्बादी के साथ छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका अवैध नल कनेक्शनों की भी जांच करेगी। अनधिकृत कनेक्शन मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
मनपा ने नागरिकों से अपने नल कनेक्शन अधिकृत कराने और पानी का संयमित इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जलस्रोतों पर दबाव कम करने और भविष्य में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है।