छत्रपति संभाजीनगर जिले के 16 विद्यार्थियों को कुल 21,58,643 रुपये की सहायता मंजूर।
दुर्घटना के छह मामलों में मिली आर्थिक मदद।
डूबने, सर्पदंश और बीमारी से जुड़े सात मामलों में सहायता।
तीन विद्यार्थियों की शल्यक्रिया के लिए भी राशि मंजूर।
अप्रैल से अक्टूबर के बीच शिक्षा विभाग को मिले 31 नए प्रस्ताव।
Sambhajinagar Student Accident Insurance Scheme: छत्रपति संभाजीनगर में दुर्घटना, गंभीर बीमारी और अन्य आपात स्थितियों से प्रभावित विद्यार्थियों के परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। राजीव गांधी विद्यार्थी दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना के तहत जिले के 16 विद्यार्थियों को कुल 21 लाख 58 हजार 643 रुपये की सहायता मंजूर की गई है। इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना, पानी में डूबने, सर्पदंश, बीमारी और शल्यक्रिया से जुड़े मामलों में आर्थिक मदद दी गई है।
जिला परिषद के शिक्षा विभाग की योजना शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 16 विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इनमें दुर्घटना से प्रभावित छह विद्यार्थियों के मामले शामिल हैं। इसके अलावा पानी में डूबने, सर्पदंश और बीमारी से जुड़े सात मामलों में सहायता मंजूर की गई है। वहीं, तीन विद्यार्थियों की शल्यक्रिया के लिए भी आर्थिक मदद दी गई है।
इस तरह अलग-अलग आपात परिस्थितियों से प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिवारों को योजना के माध्यम से राहत पहुंचाई गई है।
शिक्षा विभाग को सहायता के लिए लगातार नए प्रस्ताव मिल रहे हैं। अप्रैल से जून के बीच विभाग के पास 16 प्रस्ताव पहुंचे, जबकि जुलाई से अक्टूबर के दौरान 15 नए प्रस्ताव दाखिल किए गए। इस तरह सात महीने में कुल 31 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
फिलहाल इन सभी प्रस्तावों की जांच की जा रही है। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता की पड़ताल पूरी होने के बाद नियमानुसार सहायता मंजूर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य में पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए राजीव गांधी विद्यार्थी दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य पढ़ाई के दौरान दुर्घटना में मृत्यु, गंभीर चोट या स्थायी दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में पात्र विद्यार्थियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देना है।
योजना के माध्यम से संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने का प्रयास किया जाता है। जिले में नए प्रस्ताव मिलने से जरूरतमंद विद्यार्थियों तक इस सहायता का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।