पालकमंत्री संजय शिरसाट (सोर्स: एआई)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर के किसानों की मदद को सरकार तैयार, संजय शिरसाट बोले- प्रभावित क्षेत्रों में होंगे पंचनामे

Sanjay Shirsat Farmer Relief: महाराष्ट्र में फसल नुकसान के बीच संजय शिरसाट ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सरसकट पंचनामे होंगे। उन्होंने अगले दो दिनों में किसानों के लिए राहत घोषणा के संकेत दिए।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

Maharashtra Farmers Crop Loss Relief Announcement: राज्य में अतिवृष्टि और फसल नुकसान से परेशान किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पालकमंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों की स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। किसानों को सरकार उनके साथ खड़ी है, यह भरोसा दिलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सरसकट पंचनामे करने के निर्देश दिए हैं और अगले दो दिनों में किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा होने की संभावना है।

रोहित पवार की ओर से की गई टिप्पणी पर शिरसाट ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक भाषा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। किसान अच्छे कपड़े पहनता है तो इसमें आपत्ति की क्या बात है? किसान खुश और समृद्ध दिखाई देना चाहिए। उन्होंने रोहित पवार से किसानों के हित में सरकार के साथ आने और उनके प्रश्नों के समाधान के लिए सहयोग करने का आग्रह किया।

आचार संहिता को लेकर किसानों में भ्रम न फैलाएं

संजय शिरसाट ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के कारण किसानों को राहत नहीं दी जा सकती, यह धारणा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर सरकार आवश्यक राहत संबंधी घोषणा कर सकती है। शिरसाट ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भ्रम की स्थिति पैदा न करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार जरूरी कदम उठा सकती है। हालांकि, चुनावी आचार संहिता के दौरान राहत संबंधी फैसलों और घोषणाओं पर निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन जरूरी है।

संवैधानिक संस्थाओं पर शिरसाट ने जताई आपत्ति

संजय राऊत के निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयान पर संजय शिरसाट ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाएं संविधान और कानून के दायरे में काम करती हैं।

शिरसाट ने कहा कि राष्ट्रपति और निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक पदों की भूमिका को लेकर बयान देते समय संस्थागत व्यवस्था और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखना चाहिए। निर्वाचन आयोग ने भी हाल में स्पष्ट किया है कि वह संविधान के अनुच्छेद 324, संबंधित कानूनों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत काम करता है।

एकनाथ शिंदे का बुलढाणा दौरा विलंब के कारण प्रभावित हुआ और वे कुछ किसानों से नहीं मिल सके। इसके लिए शिरसाट ने किसानों से खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार का निर्णय मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की चर्चा के बाद होगा। चुनाव महायुति के रूप में लड़ा जाएगा।

Make in India के 12 साल, PM मोदी बोले- भारत में ज्यादा उत्पादन और निवेश, हर सेक्टर में आया बदलाव

ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो CJP 2 अक्टूबर से मुंबई में करेगी विरोध प्रदर्शन, अभिजीत दिपके का ऐलान

हरदीप पुरी से बीएल वर्मा तक, UP राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को होगा मतदान, किसकी वापसी तय, कौन होगा बाहर?

बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह में हुई सुलह, महंत राजकुमार दास ने कराई दोस्ती, जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

सेवा संकल्प यात्रियों से PM मोदी का संवाद, कहा- सरकारी योजना का उद्देश्य सिर्फ पैसा खर्च करना नहीं, जीवन बदलना