समृद्धि महामार्ग (सोर्स: एआई)
छत्रपति संभाजीनगर

तेज रफ्तार से लेकर टायर फटने तक, समृद्धि महामार्ग पर 8 महीने में 142 हादसे और 128 लोगों की मौत

Samruddhi Expressway Accidents: समृद्धि महामार्ग पर जनवरी से अगस्त तक 142 दुर्घटनाओं में 128 लोगों की मौत हुई। सर्वे में तेज रफ्तार, थकान, झपकी, हाईवे हिप्नोसिस और टायर फटना प्रमुख कारण बताए गए हैं।

आलोक उमाकृष्ण

Sambhajinagar Expressway 128 Deaths In 8 Months: तेज रफ्तार और समय की बचत के लिए बनाए गए समृद्धि महामार्ग पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनवरी से अगस्त के बीच महज आठ महीनों में 142 दुर्घटनाओं में 128 लोगों की मौत हो चुकी है।

एक सर्वेक्षण के अनुसार, अतिवेग और लंबे, सीधे मार्ग पर चालक का ध्यान भटकने यानी 'हाईवे हिप्नोसिस' के साथ थकान और झपकी हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। नागपुर से मुंबई की करीब 750 किलोमीटर दूरी लगभग सात घंटे में तय करने के उद्देश्य से समृद्धि महामार्ग बनाया गया है।

2023 से 2024 तक हादसे की संख्या

सीधा और बिना किसी बड़े अवरोध वाला सीमेंट का मार्ग वाहनों को तेज गति से चलाने की सुविधा देता है, लेकिन यही तेज गति कई बार जानलेवा साबित हो रही है। छत्रपति संभाजीनगर अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में समृद्धि महामार्ग पर 137 हादसों में 126 लोगों की मौत हुई थी।

2024 में 202 दुर्घटनाओं में 173 लोगों ने जान गंवाई। इस साल अगस्त तक ही 128 मौतें हो चुकी हैं। 26 सितंबर को वेरूल के पास भी चालक को झपकी आने के कारण तेज रफ्तार कार सामने चल रहे कंटेनर से जा टकराई थी। हादसे में आईटी इंजीनियर, उनकी पत्नी और छोटे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

टायर फटना भी हादसों की बड़ी वजह

सर्वेक्षण के अनुसार, तेज गति से टायर गर्म होने के कारण उनके फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा पुल और सड़क के जोड़ पर सड़क की सतह में बदलाव के कारण 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे वाहन को अचानक उछाल मिल सकता है।

इससे चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ने की आशंका रहती है। समृद्धि महामार्ग पर अचानक खराब होकर खड़े वाहनों को पीछे से तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर लगने से भी कई गंभीर हादसे हुए हैं।

समृद्धि पर ब्लैक स्पॉट

इगतपुरी-सिन्नरः टायर फटना, वाहन से नियंत्रण खोना और खराब वाहनों के कारण हादसे।

कोपरगांव-वेजापुर: तेज रफ्तार वाहनों और सड़क पर खड़े वाहनों से टक्कर।

छत्रपति संभाजीनगर जिलाः कार, कंटेनर, ट्रक और यात्री वाहनों से जुड़े हादसे।

जालना क्षेत्रः तेज गति के कारण गंभीर दुर्घटनाएं।

सिंदखेडराजा-मेहकर: पिंपनखुटा, खलेगांव और किनगांव राजा क्षेत्र में रात के समय अधिक हादसे।

बुलढाणा क्षेत्रः दुसरबीड-किनगांव राजा मार्ग पर प्राणघातक दुर्घटनाएं।

वर्धा-विरूल पट्टाः चैनल क्रमांक 82.200 के पास लगातार हादसे; जुलाई में पांच लोगों की मौत।

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