Sambhajinagar Finance Employee Fake Robbery Plot: फायनेंस कंपनी की वसूली के 68 हजार 56 रुपये हड़पने के लिए कर्मचारी ने अपने साथ लूट का झूठा नाटक रचा। चाकू से हमला, मुंह में कपड़ा ठूंसने और हाथ-पैर रस्सी से बांधने की कहानी सुनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। लेकिन गंगापुर पुलिस की बारीकी से जांच में पूरा मामला फर्जी निकला।
भारत फायनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड में फिल्ड सहायक के रूप में काम करने वाले किरण पंढरीनाथ वैरागर ने 21 सितंबर को शिकायत दी थी कि शिंदेवाड़ी फाटे के पास चार लोगों ने उसे रोककर वसूली के 68,056 रुपये और मोबाइल लूट लिया।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच और उसके बयान की पड़ताल की तो कई विसंगतियां सामने आईं। पूछताछ में उसके जवाब भी बदलते रहे।
पुलिस ने शिकायतकर्ता किरण पंढरीनाथ वैरागर को विश्वास में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो लूट की पूरी साजिश सामने आ गई। पूछताछ में वैरागर ने अपने मित्र रवि ज्ञानदेव दरंदले और एक विधि संघर्षरत बालक के साथ मिलकर लूट का नाटक रचने की बात स्वीकार की।
जांच में सामने आया कि योजना के तहत रवि ने वैरागर के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और इसके बाद दोनों वसूली की रकम और मोबाइल लेकर वहां से चले गए।
बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात लोगों द्वारा लूट किए जाने की झूठी कहानी तैयार की गई। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने मामले में शामिल तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
लूट का झूठा नाटक रचकर वसूली की रकम हड़पने के मामले में गंगापुर पुलिस ने शिकायतकर्ता समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में कर्मचारी के साथ उसके मित्र रवि ज्ञानदेव दरंदले और एक विधि संघर्षरत बालक की भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर वसूली की रकम और मोबाइल हड़पने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव के मार्गदर्शन में की गई।